गुरु, फ़रवरी 5, 2026

Patna NEET Student Death: जहानाबाद से खरीदी गई नींद की दवा, SIT जांच में बड़ा खुलासा

पटना में NEET छात्रा की मौत मामले में SIT जांच तेज, जहानाबाद से खरीदी गई नींद की दवा, मोबाइल सर्च हिस्ट्री और ट्रैवल डिटेल्स से नए खुलासे।

Jehanabad Link in Patna NEET Student Death Case Revealed


परिचय: एक छात्रा, एक सपना और कई सवाल

पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला केवल एक छात्रा की असमय मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव, मानसिक स्वास्थ्य, दवाओं की आसान उपलब्धता और जांच एजेंसियों की भूमिका जैसे कई गंभीर सवाल जुड़े हुए हैं। जैसे-जैसे SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जिनमें सबसे अहम है नींद की दवा का स्रोत और छात्रा की डिजिटल गतिविधियां।


NEET छात्रा मौत मामला: अब तक की जानकारी

पटना NEET छात्रा मौत मामला शुरू में एक सामान्य संदिग्ध मृत्यु जैसा लगा, लेकिन जांच के साथ यह एक जटिल केस बनता चला गया। छात्रा लंबे समय से NEET की तैयारी कर रही थी और चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के एक गर्ल्स हॉस्टल में रह रही थी। 6 जनवरी को वह अपने कमरे में बेहोशी की हालत में मिली, जिसके बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई।

शुरुआती जांच में यौन शोषण जैसी बातों से इनकार किया गया, लेकिन जब पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आईं, तब नींद की दवा के अत्यधिक सेवन की आशंका मजबूत हुई।


SIT जांच: नींद की दवा का स्रोत कैसे मिला?

बैच नंबर से खुली पूरी कड़ी

SIT ने इस मामले में दवा की जांच को सबसे अहम कड़ी माना। छात्रा के यूरिन टेस्ट में नींद की दवा का डोज मिलने के बाद पुलिस ने उस दवा के बैच नंबर पर काम शुरू किया। सबसे पहले यह पता लगाया गया कि उस बैच की दवा किन-किन जिलों में सप्लाई की गई थी।

जांच में सामने आया कि यह दवा पटना और जहानाबाद के कुछ मेडिकल स्टोरों को दी गई थी। इसके लिए SIT ने अलग टीम बनाई, जिसने मेडिकल स्टोर, डिस्ट्रीब्यूटर और सप्लाई चैन की जांच की।

जहानाबाद मेडिकल स्टोर तक पहुंची SIT

आखिरकार SIT जहानाबाद के एक मेडिकल स्टोर तक पहुंची। वहां दुकानदार से पूछताछ की गई और कुछ तस्वीरें दिखाई गईं। दुकानदार ने एक तस्वीर को पहचानते हुए बताया कि 27 दिसंबर को उसी बैच की नींद की दवा के छह पत्ते उसकी दुकान से खरीदे गए थे। इस खरीद के बदले 370 रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया गया था।

यह खुलासा बेहद अहम था, क्योंकि इससे यह साबित हुआ कि दवा छात्रा के घर जाने के दौरान खरीदी गई थी।


मोबाइल सर्च हिस्ट्री: जांच को मिली नई दिशा

गूगल सर्च से मिले संकेत

पुलिस ने छात्रा के मोबाइल की गूगल सर्च हिस्ट्री की जांच की। इसमें 24 दिसंबर और 5 जनवरी को “सुसाइड” और “नींद की दवा” से जुड़े सर्च मिले। यह तथ्य जांच को एक नई दिशा देता है।

24 दिसंबर को सर्च किया जाना और 27 दिसंबर को दवा खरीदे जाना, फिर 5 जनवरी को हॉस्टल लौटने के दिन दोबारा वही सर्च—इन सबने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

डिजिटल फोरेंसिक जांच जारी

पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, ताकि अगर कोई डेटा डिलीट किया गया हो तो उसे रिकवर किया जा सके। कॉल डिटेल्स, चैट्स, ईमेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।


ट्रैवल हिस्ट्री और समयरेखा

छात्रा की यात्रा का पूरा विवरण

  • 27 दिसंबर: छात्रा स्वजनों के साथ स्कॉर्पियो से पटना से जहानाबाद गई
  • 27 दिसंबर: जहानाबाद से नींद की दवा खरीदी गई
  • 05 जनवरी: ट्रेन से पटना लौटकर हॉस्टल पहुंची
  • 06 जनवरी: हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली
  • 06–10 जनवरी: निजी अस्पताल में इलाज
  • 11 जनवरी: इलाज के दौरान मौत

SIT का मानना है कि 24 दिसंबर से 5 जनवरी के बीच की अवधि इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी है।


हॉस्टल और CCTV जांच

पुलिस ने दावा किया कि गर्ल्स हॉस्टल में CCTV कैमरे लगे हुए हैं। SIT ने फुटेज की जांच की, लेकिन छात्रा के कमरे के बाहर कोई संदिग्ध गतिविधि नजर नहीं आई। इसके बावजूद, जांच एजेंसियां इस संभावना से इनकार नहीं कर रहीं कि कोई मानसिक दबाव या बाहरी कारण छात्रा को परेशान कर रहा हो।

SIT की टीम तीन से चार बार घटनास्थल का निरीक्षण कर चुकी है और हर छोटे-बड़े पहलू की जांच की जा रही है।


अस्पताल, इलाज और सूचना देने में देरी के सवाल

इलाज से जुड़े अहम प्रश्न

SIT इस बात की भी जांच कर रही है कि छात्रा को कब और किस हालत में अस्पताल लाया गया। कौन से डॉक्टर इलाज कर रहे थे, कौन-कौन सी दवाएं दी गईं और इलाज के दौरान क्या-क्या हुआ—इन सभी बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है।

इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि अस्पताल पहुंचने के कितनी देर बाद पुलिस को सूचना दी गई और क्या इसमें कोई देरी हुई।


डायरी और निजी नोट्स: जांच का नया पहलू

सूत्रों के अनुसार, पुलिस को छात्रा की एक डायरी या कापी मिली है, जिसमें कुछ निजी बातें लिखी हुई हैं। इन नोट्स में करीबी लोगों के जिक्र और मानसिक स्थिति से जुड़े संकेत मिले हैं। हालांकि, पुलिस इस पर अभी आधिकारिक बयान देने से बच रही है।


NEET तैयारी और मानसिक दबाव का सवाल

यह मामला एक बार फिर NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव पर सवाल खड़ा करता है। हर साल हजारों छात्र-छात्राएं सीमित सीटों के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। कोचिंग, हॉस्टल लाइफ, पारिवारिक अपेक्षाएं और भविष्य की चिंता—ये सभी मिलकर कई बार छात्रों को मानसिक रूप से तोड़ देते हैं।

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों के लिए काउंसलिंग, सपोर्ट सिस्टम और समय पर मदद बेहद जरूरी है।


पूरा घटनाक्रम एक नजर में

  • 11 जनवरी: छात्रा की मौत
  • 12 जनवरी: पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन
  • 12 जनवरी: कारगिल चौक पर प्रदर्शन, FIR दर्ज
  • 15 जनवरी: पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी साझा
  • 15 जनवरी: हॉस्टल बिल्डिंग मालिक गिरफ्तार
  • 16 जनवरी: गृह मंत्री ने लिया संज्ञान, SIT गठन
  • 17 जनवरी: SIT ने घटनास्थल का निरीक्षण किया

निष्कर्ष: जवाब अभी बाकी हैं

पटना NEET छात्रा मौत मामला अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है। SIT जांच ने नींद की दवा के स्रोत और ट्रैवल हिस्ट्री जैसी अहम कड़ियों को जोड़ जरूर दिया है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है—छात्रा ने दवा क्यों ली? क्या वह किसी दबाव, भय या ब्लैकमेल का शिकार थी, या यह मानसिक तनाव का नतीजा था?

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी। यह मामला न सिर्फ न्याय की मांग करता है, बल्कि समाज और सिस्टम को भी आत्ममंथन करने के लिए मजबूर करता है कि हम अपने छात्रों की मानसिक सेहत को कितनी गंभीरता से लेते हैं।

यह भी पढ़ेTRAI ने जारी किए नए सिम कार्ड Rule, अब नहीं करवाना पड़ेगा महंगा रिचार्ज, यहां देखें पूरी डिटेल्स

यह भी पढ़ेBAFTA Awards 2025:ऑल वी इमेजिन एज लाइट’ समेत 4 भारतीय फिल्मों का देखेगा BAFTA 2025 में जलवा , यहां देखें फिल्मों की लिस्ट

NEET छात्रा मौत मामला, Patna NEET Student Death, SIT जांच, नींद की दवा स्रोत, चित्रगुप्त नगर हॉस्टल, जहानाबाद मेडिकल स्टोर, NEET तैयारी दबाव

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News

Discover more from DW Samachar

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading