बुध, फ़रवरी 4, 2026

जहानाबाद: बचपन प्ले स्कूल में गणेश चतुर्थी की धूम, बच्चों ने बनाए इको-फ्रेंडली गणपति जी

Jehanabad: Ganesh Chaturthi celebrated in Bachpan Play School, children made eco-friendly Ganpati Ji.

जहानाबाद बचपन प्ले स्कूल में गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। स्कूल के बच्चे-बच्चियां और शिक्षकाओं ने मिलकर इको-फ्रेंडली गणपति बप्पा की मूर्ति का निर्माण किया और पारंपरिक ढंग से पूजा-अर्चना की। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को न केवल धार्मिक त्योहारों से परिचित कराना था, बल्कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण का महत्व भी सिखाना था।
पूजा के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी बच्चों और शिक्षिकाओं ने मिलकर भाग लिया। बच्चों को भगवान गणेश पर आधारित एक फिल्म भी दिखाई गई, जिसका प्रयोजन उन्हें हमारी संस्कृति और परंपराओं से अवगत कराना था। इस अवसर पर स्कूल के निदेशक, अरुण प्रवाल ने कहा, “हमारे बचपन प्ले स्कूल में हम शिक्षा को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें हमारी सांस्कृतिक और नैतिक धरोहर से भी जोड़ते हैं।

गणेश चतुर्थी का यह पर्व न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि बच्चों को पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश भी देता है। इको-फ्रेंडली गणपति जी की मूर्ति बनाकर बच्चों ने यह समझा कि कैसे हम त्योहारों को हर्षोल्लास से मनाने के साथ-साथ धरती के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभा सकते हैं। गणेश जी को दो दिन के लिए स्कूल परिसर में स्थापित किया गया है। सोमवार को भव्य गणपति विसर्जन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बच्चे और शिक्षिकाएं मिलकर “अगले बरस जल्दी आना” के साथ गणपति बप्पा को विदाई देंगे। इस पूरे कार्यक्रम का एक और प्रमुख आकर्षण बच्चों के लिए विशेष भोजन और सांस्कृतिक गतिविधियां थीं, जिनमें बच्चों ने पूरी तन्मयता के साथ भाग लिया। सभी बच्चों ने गणेश जी से जुड़ी कहानियों को सुना और उनमें निहित शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। आज के कार्यक्रम को सफल बनाने के पीछे जिन शिक्षिकाओं का अहम योगदान था उनमें शिक्षा श्रीवास्तव, रंजू कुमारी, साक्षी श्रीवास्तव, स्वाति कुमारी, शिवानी कुमारी एवं अनिशा कुमारी शामिल हैं ।

Barun Kumar
Author: Barun Kumar

I am Journalist covering News around Jehanabad and Bihar

Relates News

Discover more from DW Samachar

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading