
जहानाबाद जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडे ने आज प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय, काको, आर.टी.पी.एस. केंद्र और कौशल विकास केंद्र, काको का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार भी उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई और कई अहम निर्देश जारी किए गए।
निरीक्षण में पाया गया कि ऑनलाइन दाखिल-खारिज के 23,067 मामलों में से 22,870 का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि 197 मामले लंबित हैं। इसमें से 75 दिनों से अधिक समय से 15 और 35 दिनों से अधिक समय से 61 मामले लंबित हैं। जिला पदाधिकारी ने अंचल अधिकारी को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन किया जाए।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि कई परिमार्जन प्लस के मामले राजस्व कर्मचारियों के लॉग इन पर लंबित हैं। डीएम ने मौजा खालिसपुर और नेरथुआ के राजस्व कर्मचारी रंजीत कुमार से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। सभी राजस्व कर्मचारियों को आदेश दिया गया कि वे परिमार्जन प्लस के मामलों को पांच दिनों के भीतर निष्पादित करें और अपूर्ण आवेदनों को अंचल अधिकारी के लॉग इन में शीघ्र रिवर्ट करें।
समीक्षा में पाया गया कि 1,176 लगान मामलों में से 827 का निष्पादन हो चुका है, जबकि 136 मामलों को जनवरी के अंत तक निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने सभी राजस्व कर्मचारियों को हल्कावार एक लाख रुपये लगान वसूली का लक्ष्य फरवरी तक पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी कार्ड छपवाकर बड़े रैयतों और नागरिकों तक पहुंचाने का आदेश भी दिया, ताकि लगान वसूली में तेजी लाई जा सके।
निरीक्षण के दौरान आगत और निर्गत पंजी अद्यतन पाई गई, लेकिन कैश बुक केवल नवंबर माह तक अपडेट थी। डीएम ने इसे तुरंत अद्यतन करने और भविष्य में इसे दैनिक आधार पर अपडेट रखने का निर्देश दिया। रिकॉर्ड रूम में रखे गए अभिलेखों के रखरखाव की स्थिति भी जांची गई और उन्हें व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान एक राजस्व कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर अंचल अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया।
जिला पदाधिकारी ने काको स्थित कौशल विकास केंद्र का भी निरीक्षण किया और बी.एस.डी.एम. सेंटर के छात्रों से बातचीत की। समीक्षा में पाया गया कि केंद्र में 20 छात्रों का निबंधन था, लेकिन केवल 10 छात्र ही प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और प्रशिक्षण पूरी क्षमता के साथ दिया जाए।
निरीक्षण में कौशल विकास योजना के तहत संचालित अंग्रेजी और हिंदी संचार कौशल, आईटी साक्षरता और सॉफ्ट स्किल पाठ्यक्रमों की समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिया कि एम.एस. वर्ड और एक्सेल का भी प्रशिक्षण दिया जाए और छात्रों के व्यक्तित्व विकास के लिए अतिरिक्त गतिविधियां चलाई जाएं। यह औचक निरीक्षण प्रशासनिक कार्यों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए किया गया था।
Author: AK
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