102 साल पहले आज के दिन जामिया इस्लामिया की रखी गई थी नींव, छोटी संस्था से शुरू होकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने का आसान नहीं था सफर

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देश की राजधानी दिल्ली में स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में देश ही नहीं बल्कि दुनिया के तमाम दिग्गजों ने तामील (शिक्षा) हासिल की है। उसके साथ फिल्म इंडस्ट्रीज के किंग खान यानी शाहरुख खान भी इसी यूनिवर्सिटी के छात्र रहे हैं। बता दें कि आज के दिन 102 साल पहले 29 अक्टूबर 1920 में स्वतंत्रता सेनानी मौलाना महमूद हसन ने अलीगढ़ में जामिया इस्लामिया की नींव रखी। इसकी स्थापना में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की भूमिका अहम रही। अलीगढ़ में छोटी संस्था के तौर पर शुरू होकर एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने तक की इसकी कहानी कई संघर्षों से भरी है। यह संस्था शुरू से ही कांग्रेस और गांधीजी के विचारों से प्रेरित थी। 1925 में आर्थिक सेहत बिगड़ी तो गांधीजी की सहायता से संस्था को अलीगढ़ से करोल बाग दिल्ली लाया गया। तब जामिया को दिल्ली के करोलबाग में शिफ्ट किया गया। 1 मार्च 1935 को इसे दिल्ली के ओखला में लाया गया और उसके बाद 1936 में इसे नए कैंपस में शिफ्ट किया गया, जहां जामिया के सभी संस्थान लाए गए।
जामिया मिल्लिया के लिए एक वक्त ऐसा भी आया, जब ये यूनिवर्सिटी आर्थिक संकट से गुजर रही थी, तब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि जामिया को बचाना है, वो कटोरा लेकर भीख मांगने को भी तैयार हैं। आजादी से पहले जामिया को कई बार आर्थिक संकट से जूझना पड़ा। कई बार तो इसे बंद करने की नौबत भी आई। वहीं जामिया को दिसंबर 1988 में भारतीय संसद में एक एक्ट के तहत संस्थान से यूर्निवर्सिटी का दर्जा मिला और तब यह सेंट्रल यूनिवर्सिटी में तबदील हो गई। बता दें कि उर्दू में जामिया का मतलब यूनिवर्सिटी और मिल्लिया का मतलब राष्ट्रीय है। आज यहां हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बता दें कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया के बारे में मशहूर कवि रवींद्रनाथ टैगोर ने कहा था कि भारत के सबसे प्रगतिशील शैक्षिक संस्थानों में से एक है। वहीं मशहूर कवयित्री सरोजिनी नायडू ने कहा था तिनका-तिनका जोड़कर और तमाम कुर्बानियां देकर जामिया का निर्माण किया गया है।
Author: AK
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