यह भारत के इतिहास में पहली दफा है जब महिला बंदूकधारियों को सीधे तौर पर अपने पुरुष साथियों के समकक्ष भारत-पाक सीमा की नियत्रण रेखा पर तैनात किया गया है।
सभी मिथकों को तोड़ते हुए ये जांबाज महिला सैनिक अपने दम-खम से अपने देश की हिफाजत को देश के सबसे खतरनाक भारत-पाक सिमा पर अपना लोहा मनवाने को तैयार हैं।
दस हज़ार फिट की ऊंचाई पर बने “साधना टॉप” पर करीब आधा दर्जन “राइफल वीमेन” जिनकी मेजवानी भी एक महिला अधिकारी ही कर रहीं हैं एवं उन पर “नियत्रंण रेखा” के साथ लगे सड़क की हिफाजत की जिम्मेदारी बखूबी संभाल रहीं हैं।
इन्हें स्मगलिंग रोकने, फेक करेंसी एवं अवैध हथियारों की तस्करी जो कि “साधना पास” के जरिये होती है उसे भी रोकने का जिम्मा मिला है।
इन महिला बंदूकधारी महिलाओं की तैनाती इसलिए भी खास बताई जा रही है क्योंकि इस इलाके में कुल 40 गांव पड़ते हैं जो कि “तंगधार” एवं “तिथवाल” के बीच “नियत्रंण रेखा” पर बसे हैं। इन सभी गाँव से आने वाली सभी गाड़ियों को “साधना पास” से हीं गुजरना होता है। ऐसे में इन पर पैनी नजर रखना और देश मे अवैध रूप से आने वाले लोगों अथवा हथियारों को रोकने में “असम राइफल्स” की जांबाज “राइफल वीमेन” एक अहम भूमिका निभाएगी।
बता दें कि हाल ही में भारतीय सेना ने महिलाओं के लिए वैकेंसी भी जारी की है। जनरल ड्यूटी के पदों पर महिलाओं के लिए वैकेंसी जारी की गई है। कुल 99 पदों के लिए सेना ने वैकेंसी निकाली है। इसके लिए 10वीं तक की परीक्षा पास होने की एलिजिबिलिटी रखी गई है।
साथ ही जुलाई 2019 में रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन प्रदान करने के लिए औपचारिक आदेश जारी किया था। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 17 फरवरी को एक याचिका पर सुनवाई के बाद भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन व कमांड पोस्ट दिए जाने का आदेश दिया था और सरकार को इस फैसले पर अमल के लिए तीन माह का
Author: AK
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