सोम, अप्रैल 13, 2026

Himachal Political Crisis: राज्यसभा चुनाव के दौरान हिमाचल प्रदेश में क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस के छह विधायकों पर हाईकमान का एक्शन

Himachal Political Crisis Speaker Kuldeep Singh Pathania disqualifies all 6 rebel Congress MLAs.
Himachal Political Crisis Speaker Kuldeep Singh Pathania disqualifies all 6 rebel Congress MLAs.

पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस के 6 विधायकों पर हाई कमान ने एक्शन लिया है। हिमाचल विधानसभा के स्पीकर कुलदीप पठानिया ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले 6 कांग्रेसी विधायकों को अयोग्य करार दे दिया है। उन्हें पार्टी व्हिप के उल्लंघन का दोषी माना गया है। हिमाचल के इतिहास में पहली बार विधायकों पर ऐसी कार्रवाई की गई है। दलबदल विरोधी कानून के तहत कांग्रेस विधायक और संसदीय कार्य मंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने याचिका दायर की थी। तीन निर्दलीय विधायकों के अलावा इन छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी और 27 फरवरी को पहाड़ी राज्य से भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन को राज्यसभा सीट जीतने में मदद की थी। विधायकों की क्रॉस वोटिंग से राज्य सरकार संकट में पड़ गई है और विपक्षी भाजपा ने दावा किया है कि कांग्रेस सरकार ने सदन में बहुमत खो दिया है। जिन 6 बागी विधायकों को हिमाचल प्रदेश विधानसभा के स्पीकर ने अयोग्य घोषित किया है, उनमें राजेंद्र राणा, रवि ठाकुर, चेतन शर्मा, आईडी लखनवाल, सुधीर शर्मा और देवेंद्र भुट्टो शामिल हैं। हिमाचल विधानसभा स्पीकर के फैसले को चुनौती देने के लिए बागी विधायक हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। विधानसभा स्पीकर ने बताया कि मैंने सभी का पक्ष सुना है। विधायकों ने व्हिप का उल्लंघन किया। सभी 6 बागी विधायकों की सदस्यता तत्काल प्रभाव से खत्म की जाती है। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले सभी विधायक अयोग्य घोषित किया जा रहा है।बता दें कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में है और 68 सदस्यीय सदन में उसके पास 40 विधायकों के अलावा तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन है। संख्या बल के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी राज्यसभा सीट हार गए। परिणाम प्रत्येक 34 वोटों पर बराबर थे। विजेता हर्ष महाजन की घोषणा ड्रॉ के बाद की गई जिससे पहाड़ी राज्य में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं क्योंकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार को कांग्रेस सरकार के गिरने की संभावना दिख रही है। वहीं सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू खुद को योद्धा बताते हुए पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के दावे कर रहे हैं, शिमला से दिल्ली तक नंबरगेम और सरकार बचाने के रास्तों पर मंथन का दौर चल रहा है।

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Author: AK

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