बुध, फ़रवरी 25, 2026

Himachal Political Crisis: हिमाचल में जारी सियासी उथल-पुथल के बीच कांग्रेस ने कहा- अब सब कुछ ठीक, सुखविंदर बने रहेंगे सीएम, प्रतिभा सिंह भी साथ आईं

Himachal Political Crisis All issues sorted out, this government will stay for five years', says DK Shivakumar
Himachal Political Crisis All issues sorted out, this government will stay for five years', says DK Shivakumar

हिमाचल प्रदेश में जारी सियासी संकट के बीच कांग्रेस ने कहा-अब सब कुछ ठीक है। राजधानी शिमला में गुरुवार शाम को कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और ताजा हालातों की जानकारी दी। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार, हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा और हिमाचल सीएम सुखविंदर सुक्खू शामिल थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पार्टी और विधायकों के बीच सारे मतभेद सुलझा लिए गए हैं। सुक्खू सीएम बने रहेंगे। ऑपरेशन लोटस फेल हो गया है। अब तक नाराज दिख रहीं हिमाचल कांग्रेस की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू साथ नजर आए। दोनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ने का एलान किया।कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ये बहुत दुखद है कि हमने राज्यसभा की सीट खो दी है। पूरे देश ने हिमाचल के राज्यसभा का चुनाव देखा। हमने एक कोर्डिनेशन कमेटी बना दी है, जो सरकार और पार्टी के बीच कॉर्डिनेशन का काम करेगी। उन्होंने कहा कि हम यूनाइटेड हैं, हमारे पास पूरे नंबर हैं। इस दौरान उन्होंने पार्टी का बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि सुक्खू ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे। वहीं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जो राज्यसभा का चुनाव हुआ, पार्टी को अफसोस है कि पार्टी ने एक सीट खो दी। सारे विधायकों से सहमति बनी है। आगे से एक होकर लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीजेपी पर वार किया। उन्होंने कहा, बीजेपी किस बहुमत की बात कर रही है। षड्यंत्र के तहत मेरे इस्तीफे की झूठी खबर फैलाई गई। बागी विधायक हिमाचल की जनता का सामना नहीं कर पाएंगे। हमारी सरकार पांच साल चलेगी। बता दें कि हिमाचल में सियासी तापमान मंगलवार को उस समय बढ़ गया था जब राज्यसभा के चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई। कांग्रेस के छह विधायकों ने बीजेपी के उम्मीदवार हर्ष महाजन को वोट किया। इसका परिणाम ये हुआ कि सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस के उम्मीदवार वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी को हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले कांग्रेस ने छह बागी विधायकों को अयोग्य करार दिया है।

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Author: AK

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