
लोकसभा चुनाव से पहले हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी और जननायक जनता पार्टी यानी जजपा का गठबंधन टूट गया है। इसका बस औपचारिक एलान बाकी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल दोपहर 12 बजे बजे चंडीगढ़ में राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को अपनी पूरी कैबिनेट का इस्तीफा सौंप दिया। इस बीच निर्दलीय विधायक बीजेपी के समर्थन में आगे आए हैं। हरियाणा में सियासी हलचल तेज है। पिछले कुछ समय से बीजेपी-जेजेपी के बीच चल रही तनातनी चरम पर पहुंच गई है।
माना जा रहा है कि बीजेपी अपने गठबंधन सहयोगी जेजेपी से रिश्ता तोड़ने जा रही है। निर्दलीय विधायक गोपाल कांडा ने तो दावा किया है कि दोनों दलों को बीच गठबंधन टूट चुका है।कहा जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर हुए मतभेदों की वजह से ये गठबंधन टूट रहा है। हरियाणा से सियासी घटनाक्रमों के बीच चंडीगढ़ में बीजेपी के विधायक दल की बैठक शुरू हो गई है। हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कल देर रात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने एक से दो सीटें मांगी थी। बीजेपी अलाकमान ने उन्हें कहा कि जो गठबंधन का आगे विचार होगा, उससे अवगत कराया जाएगा।
आज चंडीगढ़ में बीजेपी विधायकों के साथ निर्दलीयों विधायकों की जो बैठक बुलाई गई, उसमें गठबंधन में शामिल जेजेपी विधायकों को नहीं बुलाया गया। हरियाणा में विधानसभा की कुल 90 सीटें हैं। इन 90 सीटों में से 41 बीजेपी के पास हैं। वहीं 30 सीटें कांग्रेस, 10 सीटें इंडियन नेशनल लोकदल, एक हरियाणा लोकहित पार्टी और छह निर्दलीय हैं। हरियाणा में बहुमत के लिए 46 विधायक चाहिए। हरियाणा में बीते विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जेजेपी के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई थी। उस चुनाव में बीजेपी को 41 जबकि जेजेपी को 10 सीटें मिली थी।
Author: AK
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