
आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के देवस्थानम बोर्ड को भंग की जाने के बाद जहां हजारों तीर्थ पुरोहितों ने स्वागत किया वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर तंज कसा। तीर्थ पुरोहितों ने बोर्ड के भंग होने के निर्णय पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। लेकिन कहा कि यह उनके संघर्ष का परिणाम है। चारधाम तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत के प्रवक्ता ब्रजेश सती ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय है। यह भारतीय लोकतंत्र की एक अनूठी घटना है जहां जनता के दवाब में एक सरकार को अपना ही निर्णय वापस लेना पड़ा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने भी फैसले का स्वागत किया और कहा कि सरकार ने यह एक अच्छा काम किया है। वहीं कांग्रेस महासचिव और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अहंकार की एक बार फिर हार हुई है। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनों के मामले की तरह ही अहंकार एक बार फिर पराजित हुई है। आने वाले चुनावों में हार से भयभीत होकर भाजपा सरकार ने यह निर्णय लिया है। यह तीर्थ पुरोहितों की जीत है जो अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। मैं उन्हें बधाई देता हूं।
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












