मंगल, अप्रैल 14, 2026

झारखंड के पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने जेएमएम से तोड़ा नाता, कहा- नया अध्याय शुरू करने जा रहा हूं, भाजपा ने खोले दरवाजे, ‘नई पारी अटकलें जारी’

Forced to look for alternative path after so much insult and contempt ... have 3 options Ex-Jharkhand CM Champai Soren
Forced to look for alternative path after so much insult and contempt ... have 3 options Ex-Jharkhand CM Champai Soren
Forced to look for alternative path after so much insult and contempt … have 3 options Ex-Jharkhand CM Champai Soren

झारखंड के पूर्व मुखमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के दिग्गज नेता चंपाई सोरेन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। 2 दिन पहले उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा छोड़ने के संकेत दिए थे। तभी से सोरेन का सियासत में अगला कदम क्या होगा, कयासों का दौर जारी है। उनके भाजपा में जाने की सबसे ज्यादा उम्मीद है। चंपाई सोरेन की दिल्ली में भाजपा नेताओं से मुलाकात भी हो चुकी है।हालांकि अभी तक उन्होंने कोई फैसला नहीं लिया है। रविवार को उन्होंने अपने एक्स अकाउंट के बायो से जेएमएम लीडर और मंत्री हटा लिया है। उनके घर से जेएमएम का झंडा भी हट चुका है।

चंपाई ने एक्स पर लिखा, मेरे जीवन का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। इसमें मेरे पास तीन विकल्प है। पहला- राजनीति से संन्यास लेना, दूसरा- संगठन खड़ा करना या तीसरा- किसी के साथ चल देना। चंपाई दिल्ली में थे, उनसे भाजपा में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि वे निजी काम से दिल्ली आए हैं। चंपई ने कहा कि पिछले 4 दशकों के अपने बेदाग राजनीतिक सफर में मैं पहली बार भीतर से टूट गया। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। दो दिन तक चुपचाप बैठकर आत्म-मंथन करता रहा, पूरे घटनाक्रम में अपनी गलती तलाशता रहा। सत्ता का लोभ रत्ती भर भी नहीं था, लेकिन आत्म-सम्मान पर लगी इस चोट को मैं किसे दिखाता? अपनों द्वारा दिए गए दर्द को कहां जाहिर करता।

चंपाई सोरेन की गिनती जेएमएम के सीनियर लीडर्स में होती है। झारखंड के कोल्हान इलाके में उन्हें कोल्हान टाइगर के नाम से जाना जाता है। इनका यहां की 14 सीटों पर पकड़ है। पार्टी में उनके कद का यहां कोई दूसरा नेता नहीं है। कोल्हान में भाजपा के पास एक भी विधायक नहीं है।

बता दें कि झारखंड में शुक्रवार 16 अगस्त को अचानक ही सियासी हलचल तेज हो गई थीं. खबरें सामने आईं कि पूर्व सीएम चंपई सोरेन, हेमंत सोरेन और पार्टी के साथ बगावत करने वाले हैं। वह दिल्ली में बीजेपी शीर्ष नेतृत्व से मिलने पहुंचे हुए हैं। झारखंड में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य से पूर्व सीएम और जेएमएम नेता चंपई सोरेन के बीजेपी में जाने की अटकलें लगती रहीं। इन चर्चाओं के बीच शुक्रवार को जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने खुद जवाब दिया है। चंपई सोरेन ने पत्रकारों के सवाल पर मुस्कुराते हुए सिर्फ इतना कहा, आप लोग ऐसा सवाल कर रहे हैं पर, इस पर क्या बोलें, हम तो आपके सामने हैं। इतना बोलते ही वह गाड़ी में बैठ गए।

Champai Soren with PM Modi
Champai Soren with PM Modi

बता दें कि, हेमंत सोरेन के जेल से वापस आने के बाद चंपई सोरेन को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद से ही उनके नाराज होने की चर्चा उठती रही है। चंपाई शनिवार को कोलकाता पहुंचे और फिर रविवार दोपहर दिल्ली। माना जा रहा है कि बीजेपी के कुछ सीनियर नेताओं से उनकी फोन पर भी बातचीत हुई और जल्द ही आमने-सामने की मीटिंग भी हो सकती है। चंपई सोरेन का दिल्ली में तीन दिन रहने का प्लान है। चंपई सोरेन के अलावा जेएमएम के 5-6 और विधायकों के भी अलग से बीजेपी के संपर्क में होने की चर्चा चल रही है। हालांकि उनके जाने से सरकार की सेहत पर फिलहाल फर्क पड़ता नहीं दिखता। झारखंड में 81 सीटों वाली विधानसभा में 8 सीट खाली हैं, जबकि जेएमएम के पास 26, कांग्रेस के पास 16 और राजद के पास एक विधायक है। सीपीआईएमएल विधायक विनोद सिंह भी सत्तापक्ष में हैं. 37 का आंकड़ा बहुमत की संख्या है। इधर बीजेपी के पास 23, आजसू के पास 3, एनसीपी के पास 1, और 2 निर्दलीय भी एनडीए के खेमे में है। यानी हेमंत सरकार पर फिलहाल कोई खतरा दिखता नहीं है। हालांकि चंपाई की सराहना बीजेपी लगातार करती रही है। ये भी कहती रही है कि उनके साथ काफी बुरा बर्ताव जेएमएम ने किया है। उनको दूध से मक्खी की तरह निकालकर फेंक दिया गया, साफ है कि बीजेपी विधानसभा चुनावों में ये नैरेटिव गढ़ना चाहती है कि जेएमएम में आदिवासी नेता को भी अपमानित किया जाता है तो आखिर पार्टी किस आदिवासी अस्मिता के नाम पर वोट मांगती फिरती है। जो चंपाई सोरेन जैसे दशकों पुराने वफादार का नहीं हो सका वो आखिर आम लोगों से कैसे वफादारी निभाएगा। फिलहाल झारखंड में चंपाई सोरेन के अगले फैसला को लेकर सियासी पारा गर्म है ।

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Author: AK

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