बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आज फ्लोर टेस्ट है। पहले कुछ दिनों तक लग रहा था जेडीयू और भाजपा आसानी से इस फ्लोर टेस्ट को पास कर लेगी। लेकिन विपक्ष राजद और कांग्रेस ने नीतीश बाबू की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिहार में सियासी हलचल तेज है। राज्य में पक्ष और विपक्ष के अपने-अपने दावे हैं। तेजस्वी यादव कह चुके हैं कि बिहार में खेला होगा। बिहार में जो नंबर गेम की स्थिति है उसमें नीतीश कुमार के साथ तेजस्वी यादव भी तनाव में हैं। सभी की निगाहें सोमवार को बिहार में होने वाले फ्लोर टेस्ट पर टिकी हैं, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना बहुमत साबित करना होगा। स्पीकर के संबोधन के साथ विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। राजधानी पटना में विधानसभा के बाहर जबरदस्त हलचल है। बीजेपी, आरजेडी, जेडीयू कांग्रेस, लेफ्ट और हम पार्टी ने अपने-अपने विधायकों की बाड़ेबंदी की है। कांग्रेस विधायक हैदराबाद से पटना पहुंच गए हैं। बीजेपी टूट और खरीद-फरोख्त से निश्चिंत हो गई है। उधर, कांग्रेस पूरी तरह विधायकों को सहेजकर रखे हुए हैं। तेजस्वी के आवास पर लगातार गजल संध्या चल रही है। यानी आरजेडी के विधायक भी एकजुट हैं। सियासी जानकार पूछ रहे हैं कि दिक्कत है कहां। कौन टूटने जा रहा है। किस पार्टी के टूटने की आशंका है। खेला क्या होगा। कौन खेला करेगा।

वहीं बिहार के खगड़िया जिले के परबत्ता से विधायक संजीव कुमार को नवादा में पुलिस और प्रशासन के द्वारा डिटेन किया गया है। बताया जा रहा है कि विधायक इंजीनियर संजीव झारखंड के रास्ते सोमवार की सुबह बिहार की सीमा में प्रवेश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें नवादा जिला प्रशासन के द्वारा बिहार-झारखंड बॉर्डर पर रजौली में रोका गया। उन्हें वन विश्राम गृह रजौली में रखा गया है, जहां डीएम और एसपी मौजूद बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि विधायक संजीव सरकार से नाराज चल रहे थे और फ्लोर टेस्ट में पार्टी के खिलाफ जाकर मतदान कर सकते थे। वे अपने पार्टी नेतृत्व से पूरी तरह से कटे हुए थे। वैसे इस मामले में नवादा जिला प्रशासन के कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है।

एक ओर आरजेडी विधायकों को तेजस्वी आवास पर रोका गया है। बीजेपी के सभी विधायकों को पटना के होटल पाटलिपुत्र एग्जॉटिका में शिफ्ट किया गया है, जबकि जेडीयू ने अपने विधायकों को चाणक्य होटल में रुकने के लिए कहा है। आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि हमारे सभी विधायक एकजुट हैं. उन्होंने कहा, सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हैं। कुछ ही घंटों में तस्वीर साफ हो जाएगी. लोकतंत्र की जीत होगी। बिहार को बचाने के लिए सभी विधायकों ने संपर्क लिया है। बता दें कि नीतीश कुमार महागठबंधन तोड़कर एनडीए के साथ वापस आ गए हैं। उन्होंने 28 जनवरी को रिकॉर्ड 9वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 8 मंत्रियों ने भी शपथ ली। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष रहे विजय सिन्हा को डिप्टी सीएम बनाया गया है। नीतीश ने राज्यपाल को 128 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा था। जिसमें भाजपा के 78, जेडीयू के 45, हम के 4 और एक निर्दलीय विधायक शामिल थे। बहुमत का आंकड़ा 122 है।
बिहार में फ्लोर टेस्ट से पहले @yadavtejashwi के घर पर पुलिस की रेड, कई सीनियर अधिकारी पहुंचे#RJD विधायक चेतन आनंद के लापता होने की शिकायत पर पहुंची पुलिस। आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद @RJDforIndia विधायक हैं और तेजस्वी आवास में मौजूद हैं।#BiharFloorTest #TejashwiYadav #Bihar pic.twitter.com/Ksp9Fth7KG
— DW Samachar (@dwsamachar) February 11, 2024
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा की कुल ताकत 243 है। बहुमत का आंकड़ा 122 है। एनडीए के पास 128 का आंकड़ा मौजूद है। जिसमें भाजपा के पास 78 सीटें, जेडीयू के पास 45 सीटें, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के पास 4 सीटें और निर्दलीय विधायक सुमित सिंह साथ हैं ही। विपक्ष के पास 114 सीटें हैं – राजद के पास सबसे ज्यादा 79, कांग्रेस के पास 19, सीपीआई (एमएल) के पास 12, सीपीआई (एम) के पास 2, सीपीआई के पास 2 सीटें हैं। कांग्रेस विधायक पूरी तरह राजद के साथ हैं। वे तेजस्वी यादव के बंगले से सीधे एक बार विधानसभा परिसर ही पहुंचेंगे।
यह भी पढ़े: बीसीसीआई ने इंग्लैंड के खिलाफ बाकी तीन टेस्ट के लिए टीम की घोषित, विराट कोहली ने सीरीज खेलने से लिया रेस्ट
यह भी पढ़े: इस सप्ताह OTT पर है फिल्मों को भरमार, पूरे वीकेंड उठाएं घर बैठे इसका लुफ्त
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












