स्वतंत्र भारत के पहले वोटर श्याम सरण नेगी नहीं रहे, 2 नवंबर को डाला था अपना आखिरी वोट

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से 7 दिन पहले आजाद भारत के पहले मतदाता श्याम सरन नेगी का 106 साल की आयु में आज सुबह निधन हो गया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 3 दिन पहले 2 नवंबर को अपना डाक मतपत्र के जरिए वोट डाला था। वे हिमाचल प्रदेश में किन्नौर जिले के कल्पा के रहने वाले थे। श्याम सरण नेगी काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। डीसी किन्नौर आबिद हुसैन का कहना है कि जिला प्रशासन सबसे बुजुर्ग मतदाता के अंतिम संस्कार की व्यवस्था कर रहा है। उन्हें सम्मानपूर्वक विदा करने की पूरी व्यवस्था की जा रही है। नेगी अपने पीछे तीन बेटे और पांच बेटियां को छोड़कर चले गए हैं। सूचना मिलते की प्रदेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उनके पोते को फोन पर बातचीत करके उन्हें सांत्वना दी। साल 1917 में जन्मे नेगी ने 1951 से लेकर अब तक 16 बार लोकसभा चुनाव में मतदान किया है। 2014 से हिमाचल के चुनाव आइकन भी थे। प्रथम मतदाता ने पहली बार घर के प्रांगण में बने डाक बूथ में एक लिफाफे में बंद कर मतपेटी में डाल दिया था। सरण नेगी न केवल हिमाचल, बल्कि देश के आइकन रहे। भारत में आम चुनाव पहली बार फरवरी 1952 में हुए थे, लेकिन किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों में 25 अक्टूबर 1951 को पांच महीने पहले ही मतदान हुआ था, क्योंकि चुनाव आयोग का मानना था कि खराब सर्दियों के मौसम में बर्फ में चुनाव कराना असंभव हो जाएगा। तब नेगी को दूसरे बूथ पर पोलिंग ड्यूटी करनी थी। वह सुबह सात बजे कल्पा के सरकारी स्कूल पहुंचे और उन्हें वोट डालने दिया गया। इस प्रकार, उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले मतदाता होने का गौरव प्राप्त किया। जुलाई 1917 में जन्मे श्याम शरण नेगी ने लोकसभा चुनावों में सोलह बार मतदान किया। उन्होंने 1951 के ठीक बाद हर लोकसभा, विधानसभा और सभी स्थानीय निकायों में अपना वोट डाला। उन्होंने कुल 34 बार वोटिंग की है। इन्हें हिमाचल में लोग मास्टर नेगी के नाम से भी जानते हैं। श्याम शरण नेगी के निधन पर हिमाचल में शोक की लहर है। भाजपा, कांग्रेस समेत तमाम दलों के राजनेताओं ने नेगी के निधन पर गहरा दुख जताया है। नेगी के निधन पर हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट किया, स्वतंत्र भारत के पहले मतदाता एवं किन्नौर से संबंध रखने वाले श्याम शरण नेगी जी के निधन की खबर सुनकर दुःखी हूं। उन्होंने अपना कर्तव्य निभाते हुए 34वीं बार बीते 2 नवंबर को ही विधानसभा चुनाव के लिए अपना पोस्टल वोट डाला, यह याद हमेशा भावुक करेगी।
Author: AK
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