पांच मुख्य मुद्दों पर चीन और भारत के विदेश मंत्रियों ने की चर्चा, बॉर्डर पर चीनी सैनिकों की बढ़ती संख्या को लेकर कहीं दो टूक

भारत और चीन के बीच लद्दाख के सीमा पर पिछले 4 महीनों से तनाव की स्थिति बनी है। इसे सुधारने के लिए बीते लंबे वक्त से कोशिशें जारी है और तमाम सैन्य के उच्च स्तर के बैठकों के बाद अब पहली बार भारत और चीन के विदेश मंत्री आमने-सामने आए। रूस में शंघाई सहयोग संगठन से इतर हुई इस बैठक में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बैठक की जहां उन्होंने वांग यी के सामने बॉर्डर की स्थिति को रखा और उन्हें चीन की बॉर्डर से अपने बढ़ती सैनिकों की संख्या को कम करने की बात कहीं।
भारत और चीन के बीच इस बैठक में पांच सूत्रीय फॉर्मूले पर बात हुई, जिसके तहत तनाव को कम करने का फैसला लिया गया है। सीमा पर 1975 के बाद पहली बार गोली चलने की घटना हुई, इसके बावजूद दोनों देशों की ओर से कहा गया कि दोनों मंत्रियों ने खुलकर बॉर्डर विवाद पर बात की और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की।
दिनों देशों के बीच हुए इस बैठक के पांच बिंदुओं का एक साझा बयान जारी किया है।
1.दोनों देशों को अपने नेताओं के मार्गदर्शन में चलकर बातचीत को आगे बढ़ाना चाहिए और मतभेद को विवाद में नहीं बदलना चाहिए।
- बॉर्डर पर मौजूदा हालात दोनों देशों के पक्ष में नहीं है, ऐसे में सेनाएं बातचीत जारी रखेंगी और सीमा पर हालात को सही करने का माहौल तैयार किया जाएगा।
- दोनों देश भारत-चीन के बीच सीमा को लेकर मौजूदा समझौतों का पालन करेंगे और शांति बहाल करने का प्रयास करेंगे।
- बॉर्डर विवाद को लेकर विशेष प्रतिनिधियों के बीच भी बात जारी रहेगी।
- माहौल में शांति स्थापित होने के बाद दोनों देश अपने संबंधों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।
Author: AK
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