हिमाचल में हेलीकॉप्टर सेवा शुरू। शिमला से चंडीगढ़, भुंतर और रिकांगपिओ कम किराए में जुड़ेंगे, पर्यटन और इमरजेंसी सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा।
Explore Himachal by Helicopter from Chandigarh to Shimla
परिचय: हिमाचल में यात्रा का नया अनुभव
हिमाचल प्रदेश अपनी खूबसूरत वादियों, बर्फ से ढकी पहाड़ियों और शांत वातावरण के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। अब इस पहाड़ी राज्य की यात्रा और भी आसान, तेज और रोमांचक होने जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य में हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत कर दी है, जिससे पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। अब चंडीगढ़ से शिमला की दूरी सड़क मार्ग से घंटों में नहीं, बल्कि कुछ ही मिनटों में तय की जा सकेगी, वह भी सिर्फ 3169 रुपये में।
हिमाचल में हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत क्यों अहम है?
पहाड़ी इलाकों में सड़क और रेल कनेक्टिविटी हमेशा एक चुनौती रही है। बारिश, बर्फबारी और भूस्खलन के कारण कई बार सड़क मार्ग बंद हो जाते हैं। ऐसे में हेलीकॉप्टर सेवा एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प बनकर सामने आती है।
पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
हेलीकॉप्टर सेवा से हिमाचल पर्यटन को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है। जो पर्यटक कम समय में ज्यादा जगह देखना चाहते हैं, उनके लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी होगी। खासतौर पर हाई-एंड टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
किन रूट्स पर शुरू हुई है हेलीकॉप्टर सेवा?
फिलहाल हिमाचल सरकार ने तीन प्रमुख रूट्स पर हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू की हैं, जबकि दो और रूट्स को जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
शिमला से भुंतर और रिकांगपिओ
शिमला के संजौली हेलीपोर्ट से कुल्लू जिले के भुंतर एयरपोर्ट और किन्नौर जिले के रिकांगपिओ (आईटीबीपी हेलीपैड) के लिए रोजाना हेलीकॉप्टर उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। यह खास तौर पर उन इलाकों के लिए राहत भरी खबर है, जहां सड़क यात्रा लंबी और थकाऊ होती है।
शिमला से चंडीगढ़
चंडीगढ़ से संजौली हेलीपोर्ट के बीच सप्ताह में तीन दिन—सोमवार, शुक्रवार और शनिवार—हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध होगी। यह रूट खासतौर पर उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है जो शिमला को जल्दी और आराम से पहुंचना चाहते हैं।
किराया कितना तय किया गया है?
हिमाचल सरकार ने हेलीकॉप्टर सेवा के किराए को अपेक्षाकृत किफायती रखा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।
- शिमला (संजौली) से चंडीगढ़: 3169 रुपये प्रति यात्री
- शिमला से भुंतर (कुल्लू): 3500 रुपये प्रति यात्री
- शिमला से रिकांगपिओ (किन्नौर): 4000 रुपये प्रति यात्री
इस किराए को देखते हुए यह सेवा न सिर्फ पर्यटकों, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है।
आगे किन रूट्स पर शुरू होंगी सेवाएं?
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने साफ किया है कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ तीन रूट्स तक सीमित नहीं है। भविष्य में हेलीकॉप्टर सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
मनाली और रामपुर भी जुड़ेंगे
सरकार ने संजौली से मनाली (सासे हेलीपैड) और संजौली से रामपुर के लिए भी प्रस्ताव भेजे हैं। इन रूट्स को DGCA से मंजूरी मिलने के बाद सेवाएं शुरू हो जाएंगी। इससे पर्यटन के साथ-साथ व्यापार और स्थानीय आवागमन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मेडिकल इमरजेंसी में बनेगी जीवनरेखा
हेलीकॉप्टर सेवा का सबसे अहम पहलू मेडिकल इमरजेंसी में इसकी उपयोगिता है।
IGMC अस्पताल के पास हेलीपोर्ट
संजौली हेलीपोर्ट शिमला के IGMC अस्पताल के पास स्थित है। इसका मतलब यह है कि गंभीर मरीजों को दूरदराज के इलाकों से तुरंत शिमला लाया जा सकेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में जहां सड़क मार्ग से एंबुलेंस पहुंचने में कई घंटे लग जाते हैं, वहां यह सेवा जीवनरक्षक साबित हो सकती है।
हेलीपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करने की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में पहले से ही करीब 70 हेलीपैड मौजूद हैं, लेकिन अब सरकार इन्हें आधुनिक हेलीपोर्ट में बदलने पर काम कर रही है।
भविष्य की रणनीति
सरकार का फोकस सिर्फ वर्तमान जरूरतों पर नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं पर भी है। हेलीपोर्ट बनने से बड़े हेलीकॉप्टर और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे राज्य की हवाई कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
संजौली हेलीपोर्ट का इतिहास
संजौली हेलीपोर्ट की कहानी भी दिलचस्प है।
कब रखी गई थी नींव?
संजौली हेलीपोर्ट का शिलान्यास 13 सितंबर 2017 को तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में किया गया था। इसके निर्माण पर करीब 15.86 करोड़ रुपये की लागत आई।
देरी क्यों हुई?
हालांकि हेलीपोर्ट का उद्घाटन 12 जनवरी 2022 को हो गया था, लेकिन DGCA की मंजूरी न मिलने के कारण हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं। आखिरकार सरकार के प्रयासों से 7 अगस्त 2025 को उड़ानों की अनुमति मिली, जिसके बाद अब सेवाएं शुरू हो पाई हैं।
स्थानीय लोगों को क्या फायदा होगा?
हेलीकॉप्टर सेवा सिर्फ पर्यटकों के लिए नहीं, बल्कि हिमाचल के स्थानीय निवासियों के लिए भी फायदेमंद है।
समय और मेहनत की बचत
दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोग अब कम समय में शिमला, चंडीगढ़ या अन्य बड़े शहरों तक पहुंच सकेंगे। इससे सरकारी काम, व्यापार और शिक्षा से जुड़े मामलों में भी सुविधा मिलेगी।
रोजगार के नए अवसर
पर्यटन बढ़ने से होटल, टैक्सी, गाइड और अन्य सेवाओं में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे स्थानीय युवाओं को भी फायदा मिलेगा।
पर्यटन उद्योग की प्रतिक्रिया
पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों ने हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे हिमाचल प्रदेश एक प्रीमियम टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किराया और समय-सारिणी संतुलित रखी गई, तो यह सेवा लंबे समय तक सफल रह सकती है।
निष्कर्ष: हिमाचल की उड़ान अब नई ऊंचाई पर
हिमाचल प्रदेश में हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत राज्य के लिए एक बड़ा कदम है। इससे पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाएं और स्थानीय आवागमन तीनों को मजबूती मिलेगी। 3169 रुपये में चंडीगढ़ से शिमला की हवाई यात्रा न सिर्फ समय बचाएगी, बल्कि लोगों को एक नया और रोमांचक अनुभव भी देगी। आने वाले समय में जब मनाली, रामपुर और अन्य रूट्स भी जुड़ेंगे, तब हिमाचल की हवाई कनेक्टिविटी सचमुच नई ऊंचाइयों को छुएगी।
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Author: AK
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