बुध, फ़रवरी 25, 2026

Bank loan fraud: सपा नेता और बाहुबली विनय तिवारी के घर पर ED का छापा

ED raids SP leader Vinay Shankar Tiwari, his company
ED raids SP leader Vinay Shankar Tiwari, his company

समाजवादी पार्टी के नेता और चिल्लूपार के पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी के कई ठिकानों पर ED ने आज छापेमारी की है। शुक्रवार सुबह 5 बजे ED की 5 गाड़ियों से कुल 10 अफसर विनय तिवारी के गोरखपुर स्तिथ आवास ‘तिवारी हाता’ पहुँचे। जहां ED ने अपनी कार्रवाई की। गोरखपुर के अलावा लख़नऊ के महानगर सहित कुल 3 राज्यों के अलग अलग ठिकानों पर ED ने छापेमारी करते हुए कई दस्तावेजों के साथ 27 सम्पतियों को जब्त भी किया है। कुछ महीने पहले भी ED ने विनय शंकर तिवारी के कई ठिकानों पर छापेमारी करते हुए 73 करोड़ की संपत्ति को जब्त किया था जिसमें खेती योग्य जमीन, आवासीय भूखंड, ऑफिस शामिल थे।

क्या है पूरा मामला: विनय शंकर तिवारी पूर्व मंत्री और बाहुबली रहे हरिशंकर तिवारी के पुत्र है। इनके बड़े पुत्र भीष्म शंकर तिवारी भी सांसद रह चुके हैं। केन्द्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के द्वारा एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए उत्तर प्रदेश में बाहुबली नेता और समाजवादी पार्टी के नेता के तौर पर चर्चित विनय शंकर तिवारी के घर सहित कई अन्य जगहों पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है .

जांच एजेंसी के सूत्र के मुताबिक ये सर्च ऑपरेशन उत्तर प्रदेश के लखनऊ (Lucknow ), गोरखपुर (Gorakhpur) , हरियाणा के गुरुग्राम (Gurugram ) , गुजरात के अहमदाबाद (Ahmedabad ,Gujarat ) में अंजाम दिया जा रहा है यानी तीन राज्यों में 12 ठिकानों पर ed की रेड चल रही है..

सर्च ऑपरेशन के दौरान काफी महत्वपूर्ण सबूतों को इकट्ठा किया गया . समाजवादी पार्टी नेता विनय शंकर तिवारी की अगर बात करें तो ये गोरखपुर के बहुत ही चर्चित बाहुबली नेता रहें हरिशंकर तिवारी के बेटे हैं. यूपी की बात की जाए तो यहां माफियागिरी की शुरुआत हरिशंकर तिवारी के हाथों हुई मानी जाती है। माफियाओं के बीच उन्हें बाबा का तमगा हासिल था। कोई भी बाहुबली हो लेकिन हरिशंकर तिवारी से भिड़ने की कोई जुर्रत नहीं करता था। माफिया जगत में वो हर किसी के लिए सम्मानीय थे।

हालांकि हरिशंकर तिवारी का पिछले साल की निधन हो गया था . लेकिन विनय शंकर तिवारी की अगर बात करें तो यह फिलहाल उत्तर प्रदेश की राजनीति में काफी चर्चित नेता हैं.
समाजवादी पार्टी को ज्वाइन करने से पहले वो बहुजन समाजवादी पार्टी (BSP ) के नेता रह चुके हैं .सात बैंकों से करीब 1129 करोड़ के लोन लेने और फिर फर्जीवाड़ा करने का आरोप है।

पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी का गंगोत्री इंटरप्राइजेज नाम की कंपनी चलाते हैं.इसी कंपनी के लिए कुछ साल पहले सात बैंकों से करीब 1129 करोड़ रुपये का कर्ज लेने और बाद में उन्ही बैंकों के साथ फर्जीवाड़े करने का आरोप विनय शंकर तिवारी और उनकी कंपनी पर लगा था.

लिहाजा इसी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी के द्वारा इस मामले को ईडी के द्वारा पिछले साल टेकओवर करने के बाद अब आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है.

हालांकि जांच एजेंसी के सूत्र बताते हैं की पिछले साल इसी मामले में जांच एजेंसी की लखनऊ जोन की टीम के द्वारा करीब 72 करोड़ से ज्यादा की कई चल -अचल संपत्तियों को अटैच किया गया था.

अटैच की गई संपत्ति लखनऊ , महाराजगंज और गोरखपुर में है .जांच एजेंसी के द्वारा पिछले साल करीब 27 संपत्तियों को अटैच किया गया था.

जिसमें कृषि और व्यावसायिक भूमि के अलावा कई आवासीय भवन भी शामिल हैं. इस अटैच की गई जिन संपत्तियों का सरकारी मूल्य 72 करोड़ है हालांकि उसका आज की तारीख में बाजार मूल्. कई गुणा कीमत है .

यह भी पढ़ेइलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले चुनावी चंदे पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

यह भी पढ़ेस्वामीनाथन रिपोर्ट: पहले भारत रत्न का सम्मान,अब उन्हीं स्वामीनाथन की कृषि रिपोर्ट कृषि मंत्रालय की वेबसाइट से गायब, जानें कौन हैं स्वीनाथन क्या है इनकी रिपोर्ट

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News

Discover more from DW Samachar

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading