गुरु, फ़रवरी 5, 2026

Dhanbad Coal Mine Tragedy: धनबाद में कोयला खदान हादसा, 9 मजदूरों की मौत, कई अब भी फंसे

Dhanbad Coal Mine Tragedy 9 Dead, Many Still Trapped

धनबाद के बाघमारा में अवैध कोयला खनन के दौरान चाल धंसने से 9 मजदूरों की मौत, कई मजदूर अब भी खदान में फंसे हैं। राहत कार्य जारी है।

Dhanbad Coal Mine Tragedy: 9 Dead, Many Still Trapped


झारखंड के धनबाद में कोयला खदान हादसा: फिर उजागर हुआ अवैध खनन का काला सच

झारखंड के कोयला राजधानी कहे जाने वाले धनबाद से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बाघमारा क्षेत्र में स्थित एक अवैध कोयला खदान में चाल धंसने से 9 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई अन्य अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं। यह हादसा ना केवल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि कोयला माफिया और उनके राजनीतिक संरक्षण पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।


बाघमारा क्षेत्र में हुआ हादसा, मलबे में दबे लोग

हादसे की जगह और समय

यह दर्दनाक घटना धनबाद जिले के बाघमारा थाना क्षेत्र के ब्लॉक-2 के जमुनिया इलाके में हुई, जो पहले से ही अवैध खनन के लिए बदनाम है। जानकारी के अनुसार, देर रात खनन कार्य के दौरान चाल अचानक धंस गई, जिससे खदान में काम कर रहे मजदूर उसमें दब गए। प्रारंभिक रिपोर्ट में 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मलबे में कई अन्य के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

राहत और बचाव कार्य बाधित

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया, लेकिन राहत कार्य में देरी और अव्यवस्था साफ तौर पर देखी गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पत्रकारों को घटनास्थल पर जाने से रोका गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठे। मौके पर जेसीबी मशीनें लगाई गईं, लेकिन बचाव कार्य अपेक्षा के अनुसार प्रभावी नहीं दिखा।


सरयू राय का आरोप: “माफिया लाशें छिपा रहे हैं”

विधायक सरयू राय का ट्वीट

इस हादसे को लेकर झारखंड के वरिष्ठ नेता और विधायक सरयू राय ने सोशल मीडिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा:

“बाघमारा, धनबाद के जमुनिया नामक स्थान पर अवैध खनन की चाल धँसने से आज रात 9 मज़दूरों की मौत हो गई है। अवैध खनन माफिया मृतकों का शव निपटाने में लगे हैं। इसकी सूचना मैंने SSP धनबाद को दे दी है। चुनचुन नामक माफिया प्रभावशाली संरक्षण में अवैध खनन करा रहा था।”

सरयू राय के इस बयान से यह साफ होता है कि खनन माफिया को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है, जो घटनाओं को दबाने की कोशिश करते हैं।


धनबाद में अवैध खनन: एक पुराना और जानलेवा संकट

बार-बार दोहराई जा रही त्रासदी

धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। बीते वर्षों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां मजदूरों की जान चली गई और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ दिन पहले ही धनबाद में एक अन्य खदान हादसे में चार मजदूरों की मौत हुई थी।

क्यों होता है अवैध खनन?

अवैध खनन का सबसे बड़ा कारण है – गरीबी, बेरोजगारी और माफिया तंत्र का दबदबा। स्थानीय बेरोजगार युवा कुछ पैसों की लालच में अपनी जान जोखिम में डालकर इन खदानों में काम करते हैं। खनन माफिया उन्हें नकद पैसे देकर खदानों में उतारते हैं, जहां न तो सुरक्षा होती है और न ही कानूनी प्रक्रिया का पालन।


प्रशासन की चुप्पी और मीडिया की घेराबंदी

मीडिया को घटनास्थल से दूर रखने की कोशिश

इस हादसे के बाद एक और हैरान करने वाली बात सामने आई कि स्थानीय प्रशासन ने मीडिया को घटनास्थल पर जाने से रोका। पत्रकारों के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें मौके पर पहुंचने नहीं दिया, जिससे यह अंदेशा और गहराया कि घटना को दबाने की कोशिश की जा रही है।

प्रशासन की भूमिका पर सवाल

अब तक धनबाद पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद क्षीण होती दिख रही है। यह चुप्पी इस बात का संकेत है कि कहीं न कहीं अवैध खनन पर प्रभावशाली लोगों का नियंत्रण है।


मजदूरों के परिवारों का दर्द और न्याय की मांग

पहचान और मुआवजे की प्रक्रिया अधूरी

हादसे में मारे गए मजदूरों की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे उनके परिजन सदमे और चिंता में हैं। ना तो सरकार की ओर से कोई मुआवजे की घोषणा हुई है, और ना ही पीड़ित परिवारों के लिए कोई पुनर्वास योजना सामने आई है।

न्याय की अपील

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना को लेकर सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि दोषियों को सजा नहीं मिली, तो ऐसी घटनाएं बार-बार दोहराई जाएंगी।


क्या है समाधान? रोकथाम के लिए जरूरी कदम

सख्त कानूनी कार्रवाई

राज्य सरकार को चाहिए कि वह खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। साथ ही उन अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाए जो अपनी आंखें मूंदकर इन गतिविधियों को नजरअंदाज करते हैं।

वैकल्पिक रोजगार का निर्माण

स्थानीय लोगों को वैकल्पिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है ताकि वे अवैध खनन जैसे खतरनाक कामों में अपनी जान जोखिम में न डालें।

पारदर्शिता और जवाबदेही

घटनाओं की पारदर्शी जांच और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया को मजबूती से लागू करना होगा। मीडिया की भूमिका को बाधित करने की बजाय उसका सहयोग लिया जाना चाहिए।


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Author: AK

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