रवि, अप्रैल 12, 2026

Delhi police to use ‘software’ to track criminals and crimes in the city…

दिल्ली पुलिस सॉफ्टवेयर के जरिए रखेगी अब अपराधों और अपराधियों पर पैनी नजर…

यूरोप और यूके के बाद अब दिल्ली पुलिस भी सॉफ्टवेयर के जरिये राजधानी के किस इलाके में किस तरह का अपराध हो रहे हैं और कब हो सकता है इसका पता लगाएगी। इतना ही नहीं डेटा के एल्गोरिदम पर आधारित विश्लेषण के जरिये यह सॉफ्टवेयर यानी प्रिडिक्टिव पुलिसिंग, पुलिस को पहले से ही आगाह कर देगा कि आने वाले समय में बदमाश किस इलाके में अपराध को अंजाम दे सकते हैं। इसका प्रयोग दिल्ली पुलिस अगले कुछ महीने में करने लगेगी।

इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल के लिए सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत कैमरों से राजधानी के अपराधग्रस्त थाना इलाकों को लैस करने जैसे संसाधनों पर काम शुरू किया जा चुका है।

क्या है इसकी खासियत :
यह सॉफ्टवेटर अनुमान पर आधारित पुलिसिंग में बेहद कामगार होगी जिस से राजधानी के अपराध ग्रस्त इलाकों में लगाए गए एचडी सीसीटीवी कैमरे में कैद आपराधिक घटनाओं, टाइमिंग, अंजाम देने के तरीके और शिकार होने वाले लोगों के डेटा के आधार पर यह उसका विश्लेषण करेगा।

इस सॉफ्टवेयर में पहले से कई तरह की वारदातों की फुटेज फिक्स रहेगी, जिससे उस तरीके से वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों के डोजियर खंगालकर उनकी पहचान करने में आसानी हो जाएगी।
यह केंद्रीय कमांड रूम से सीधे जुड़ा रहेगा तो मौके की वीडियो फुटेज भी आसानी से उपलब्ध हो जाएगी और पुलिस के पास साक्ष्य भी मौजूद होंगे। इसके आधार पर वैज्ञानिक और सटीक तरीके से जांच बढ़ेगी और बदमाशों को पकड़ने में आसानी होगी।
इसके साथ साथ यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर आधारित आगामी दिनों में होने वाले अपराध के पैटर्न, टाइमिंग और इलाके के बारे में भी एक पूर्वानुमान पर आधारित जानकारी भी मुहैया कराएगा,जिस से न सिर्फ अपराध के पूर्वानुमान का फायदा होगा, बल्कि वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाशों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

आपको बता दें कि इस से पहले राजधानी में अब तक दिल्ली पुलिस ने करीब 4800 कैमरे लगाए हैं। इन कैमरों की मदद से विभिन्न इलाकों पर पुलिस अपनी नजर बनाए रखती, और अब दिल्ली पुलिस अब सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत राजधानी में करीब 10 हजार और एचडी कैमरे लगाने जा रही है। इन कैमरों को सीधे दिल्ली पुलिस के केंद्रीय कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। कंट्रोल रूम में लगे सॉफ्टवेयर में विभिन्न इलाकों में घटित अपराध को लेकर आने वाले वीडियो के आधार पर डेटा फीड होगा और उसके आधार पर क्राइम पैटर्न का विश्लेषण तैयार होगा।

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Author: AK

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