
देश की राजधानी दिल्ली आज एक बार फिर नई सरकार चुनने जा रही है। 70 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में बुधवार सुबह 7 बजे मतदान शुरू हो गया है। 1.56 करोड़ लोग शाम 6 बजे तक वोट कर सकेंगे। इसके लिए करीब 13 हजार पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। निर्दलीय समेत विभिन्न पार्टियों के कुल 699 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। वोट डालने को लेकर दिल्लीवासियों में उत्साह छाया हुआ है। दिल्ली पुलिस ने चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। आज राजधानी दिल्ली में चप्पे-चप्पे पर पुलिस का कड़ा पहरा है और सभी संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।


वहीं वोटिंग के दौरान आज लोगों को मौसम परेशान नहीं करेगा। क्योंकि आज दिल्ली में बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है। बादलों की आवाजाही में धूप खिली रहेगी, जिससे लोगों को ठंड से राहत मिलेगी। राजधानी का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री और अधिकतम तापमान 25 डिग्री तक रह सकता है। इस दौरान न अधिक ठंड होगी न ही अधिक गर्मी तो दिल्ली के लोग बिना किसी परेशानी वोटिंग कर सकते हैं। इस चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और और आम आदमी पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में आम आदमी पार्टी अपने रिकॉर्ड और कल्याणकारी योजनाओं के दम पर तीसरी बार सत्ता पाने की कोशिश कर रही है। दूसरी तरफ, बीजेपी 25 साल से ज्यादा समय से सत्ता से बाहर है और जीत की पुर्जोर कोशिश में है। वहीं कांग्रेस पार्टी आम आदमी पार्टी से पहले 15 साल सत्ता में रही, लेकिन पिछले दो चुनावों में पार्टी एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं रही है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 फरवरी को आएंगे, जब यह तय होगा कि आम आदमी पार्टी अपनी सत्ता बरकरार रख पाती है, या बीजेपी-कांग्रेस अपना लंबा वनवास खत्म कर सत्ता हासिल करने पाने में विजयी हासिल करती है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको जयशंकर ने एनडीएमसी स्कूल ऑफ साइंस एंड ह्यूमैनिटीज तुगलक क्रिसेंट में स्थापित मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपनी पत्नी लक्ष्मी पुरी के साथ आनंद निकेतन स्थित माउंट कार्मेल स्कूल में वोट डाला। दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोरा ने अपनी पत्नी के साथ मोतीबाग के पोलिंग स्टेशन पर वोट डाला। बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने जनपथ स्थित मतदान केंद्र पर मतदान किया।


लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के सीनियर लीडर राहुल गांधी वोट डालने के लिए निर्माण भवन पोलिंग स्टेशन पर पहुंचे और उन्होंने यहां अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए वोट डाला। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, दिल्ली विधानसभा चुनाव में आज सभी सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। यहां के मतदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे लोकतंत्र के इस उत्सव में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लें और अपना कीमती वोट जरूर डालें। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए जा रहे बहनों-भाइयों से अपील करता हूं कि वे झूठे वादों, प्रदूषित यमुना, शराब के ठेकों, टूटी सड़कों और गंदे पानी के खिलाफ वोट करें। आम आदमी पार्टी के चीफ अरविंद केजरीवाल ने कहा,’प्यारे दिल्लीवासियों, आज वोट का दिन है। आपका वोट सिर्फ़ एक बटन नहीं, ये आपके बच्चों के उज्जवल भविष्य की नींव है। अच्छे स्कूल, बेहतरीन अस्पताल और हर परिवार को सम्मानजनक जीवन देने का अवसर है। आज हमें झूठ, नफरत और डर की राजनीति को हराकर सच्चाई, विकास और ईमानदारी को जिताना है। खुद भी वोट करें और अपने परिवार, दोस्तों, पड़ोसियों को भी प्रेरित करें। गुंडागर्दी हारेगी, दिल्ली जीतेगी।

वहीं दूसरी ओर अयोध्या जिले के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर न सिर्फ पूरे देश की नजर रहेगी। यह सीट इन मायनों में अहम है कि यहां से समाजवादी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी को झटका देकर उसकी इस धारणा को तोड़ दिया था कि अयोध्या में बीजेपी का ही परचम लहराएगा। अयोध्या राम मंदिर आंदोलन ने बीजेपी को नई ताकत दी थी और उसने जमीनी स्तर पर लोकप्रियता हासिल कर पूरे देश में एक मजबूत वोट वैंक आधार तैयार किया। लेकिन उसी अयोध्या में बीजेपी को दोहरी हार मिली। पहले तो सपा के हाथों मिल्कीपुर विधानसभा सीट गंवाई फिर लोकसभा चुनाव 2024 में फैजाबाद सीट भी गंवा दी। ऐसे में यह सीट बीजेपी के लिए साख का सवाल बन गई है। अगर उसने दोबारा ये सीट गंवाई तो उसका हौसला तो टूटेगा ही विपक्ष के तेवरों में भी तीखापन आएगा। वहीं, अखिलेश की पार्टी ने फैजाबाद सीट जीतकर अपना हौसला बुलंद किया है और संसद में अवधेश प्रसाद को आगे रखकर इसकी बानगी अक्सर दिखाती रही है। 8 फरवरी को जब नतीजे आएंगे तो पता चलेगा कि सीएम योगी भारी पड़े हैं या अखिलेश ने अपना दम दिखाया है। मिल्कीपुर से 2022 में समाजवादी पार्टी के चिह्न पर अवधेश प्रसाद ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद अवधेश प्रसाद ने 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद (अयोध्या) से चुनाव जीता और फिर विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा। उप चुनाव में अपनी-अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए जहां एक तरफ सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने पूरी ताकत झोंकी, वहीं राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेताओं ने भी यहां मतदाताओं को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। यह उपचुनाव सीएम योगी और अखिलेश यादव के बीच सर्वोच्चता की लड़ाई है।
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Author: AK
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