बुध, फ़रवरी 4, 2026

Dehradun Cloudburst News: सहस्रधारा में बादल फटा, देहरादून क्लाउडबर्स्ट से बाजार, होटल और दुकानें क्षतिग्रस्त

Dehradun Cloudburst News

देहरादून के सहस्रधारा क्षेत्र में देर रात बादल फटने से भारी तबाही। मुख्य बाजार में मलबा घुसा, कई होटल-दुकानें क्षतिग्रस्त और बचाव कार्य जारी।

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परिचय

उत्तराखंड एक बार फिर प्राकृतिक आपदा का शिकार हुआ है। देहरादून के सहस्रधारा क्षेत्र में सोमवार देर रात बादल फटने की घटना ने स्थानीय लोगों को दहला दिया। इस आपदा से न केवल बाजार और होटल प्रभावित हुए, बल्कि कई दुकानें भी मलबे में दब गईं। ग्रामीणों और प्रशासन की तत्परता से करीब 100 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन घटना ने उत्तराखंड की संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर कर दिया।


बादल फटने की घटना: सहस्रधारा में मचा हड़कंप

घटना का समय और स्थान

ग्राम प्रधान राकेश जवाड़ी के अनुसार, यह घटना रात करीब 11:30 बजे कार्डीगाड़ क्षेत्र में हुई। अचानक बादल फटने से मुख्य बाजार में भारी मात्रा में मलबा भर गया।

क्षति का आकलन

  • दो से तीन बड़े होटल गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त।
  • सात से आठ दुकानें मलबे में पूरी तरह ध्वस्त।
  • करीब 100 लोग बाजार क्षेत्र में फंस गए थे, जिन्हें ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाला।

रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत कार्य

ग्रामीणों की भूमिका

स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू किया। सामूहिक प्रयास से सभी फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

प्रशासन और बचाव दल की कार्रवाई

  • रात करीब 2 बजे आपदा कंट्रोल रूम से सूचना दी गई कि एसडीआरएफ और फायर टीम को मौके पर भेजा गया।
  • हालांकि रास्ते में मलबा जमा होने से टीमें तुरंत नहीं पहुंच सकीं।
  • लोक निर्माण विभाग (PWD) की जेसीबी मशीनें रास्ता खोलने में लगी हुई हैं।

आसपास के क्षेत्रों पर प्रभाव

टपकेश्वर मंदिर और तमसा नदी

  • तमसा नदी रौद्र रूप में आ गई।
  • टपकेश्वर मंदिर परिसर जलमग्न हो गया और शिवलिंग तक डूब गया।
  • मंदिर परिसर खाली कराया गया।

आईटी पार्क क्षेत्र

  • देर रात आईटी पार्क के पास भी मलबा आया
  • सॉन्ग नदी का जलस्तर बढ़ गया।
  • पुलिस ने आसपास रहने वालों को सतर्क कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी।
  • एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को तुरंत बुलाकर स्थिति पर नियंत्रण किया गया।

मसूरी में हादसा: मजदूर की मौत

देहरादून के साथ-साथ मसूरी के झड़ीपानी क्षेत्र में भी भारी बारिश से हादसा हुआ।

  • मजदूरों के आवास पर मलबा गिरा।
  • एक मजदूर की मौत और एक गंभीर रूप से घायल।
  • पुलिस और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल भिजवाया।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर इस घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा:

“देहरादून के सहस्रधारा में देर रात हुई अतिवृष्टि से कुछ दुकानों को नुकसान पहुंचने की दुखद सूचना प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। मैं लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हूं और ईश्वर से सभी की सकुशलता की प्रार्थना करता हूं।”


बादल फटने की घटनाएँ क्यों खतरनाक हैं?

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

  • बादल फटना एक अचानक और तीव्र वर्षा की घटना है।
  • यह आमतौर पर पहाड़ी इलाकों में होता है जहां नमी से भरे बादल एक स्थान पर रुक जाते हैं।
  • कुछ ही मिनटों में सैकड़ों मिलीमीटर बारिश होने से नदियाँ और नाले उफान पर आ जाते हैं।

उत्तराखंड में खतरे की स्थिति

  • पर्वतीय भौगोलिक स्थिति के कारण उत्तराखंड बादल फटने की घटनाओं के प्रति बेहद संवेदनशील है।
  • मानसून और अप्रत्याशित मौसम बदलाव इस खतरे को और बढ़ाते हैं।

आम जनता के लिए सुरक्षा उपाय

  • मौसम विभाग की चेतावनियों को हमेशा गंभीरता से लें।
  • बरसात के दौरान नदियों और नालों के किनारे जाने से बचें।
  • आपदा के समय तुरंत ऊँचे स्थानों पर चले जाएं।
  • मोबाइल और रेडियो के माध्यम से प्रशासन की सूचनाओं पर ध्यान दें।

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AK
Author: AK

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