Corruption index: India ranks 93 among 180 nations
मोदी सरकार के दावों को आईना दिखाता देश में भ्रष्टाचार मामलों का आंकड़ा, नहीं हुआ कोई सुधार, पिछले साल की तुलना में और बढ़ा ग्राफ
भ्रष्टाचार के मामले में पिछले साल की स्थिति में भारत और पीछे हो गया है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (Transparency International) की ओर से जारी करप्शन रिपोर्ट (Corruption Report) के मुताबिक, भारत में भ्रष्टाचार बढ़ा है। 180 देशों की करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (सीपीआई) में भारत 2023 में 93वें स्थान पर आ गया है, जबकि एक साल पहले 2022 में देश 85वें स्थान पर था। इस रैंकिंग में 1 नंबर पर रहने वाले देश में कम भ्रष्टाचार है और 180वे नंबर पर रहने वाले देश में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार है। यूरोप के देश डेनमार्क में सबसे कम भ्रष्टाचार है, जबकि सोमालिया (180) सबसे करप्ट देश है। एशिया के देशों में पिछले 5 सालों में सीपीआई स्कोर 45 के आसपास बना हुआ है।

बहुत कम देशों में ही भ्रष्टाचार में कमी आई है। एशिया के अधिकतर देशों में धीरे-धीरे भ्रष्टाचार बढ़ा है। 2005 से लेकर 2013 तक यूपीए (UPA) की सरकार और मौजूदा एनडीए (NDA) सरकार की तुलना की जाए तो स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। 2006-07 में करप्शन के मामले में जरूर रैंकिंग सुधरी। उस दौरान भारत 70वें और 72वें स्थान पर था। यूपीए शासन के अंतिम समय में यानी 2013 में भारत 94वें स्थान पर लुढ़क गया। वहीं एनडीए के कार्यकाल में सबसे अच्छी स्थिति 2015 में रही, तब भारत वर्ल्ड रैंकिंग में 76वें स्थान पर पहुंचा था।


बता दें कि सूचकांक में विशेषज्ञों और उद्योग क्षेत्र के लोगों के अनुसार 180 देशों और क्षेत्रों को सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के स्तर पर रखा जाता है। इसमें 0 से 100 तक मानदंड रखा गया है जिसमें 0 अत्यंत भ्रष्ट के लिए और 100 पूरी तरह स्वच्छ छवि के लिए इस्तेमाल किया जाता है।रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण एशिया में पाकिस्तान (133) और श्रीलंका (115) दोनों ही कर्ज के बोझ से जूझ रहे हैं और राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहे हैं। हालांकि, दोनों देशों के पास मजबूत न्यायिक निगरानी है, जो सरकार को नियंत्रण में रखने में मदद कर रही है। पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने अपने संविधान के अनुच्छेद 19ए के तहत इस अधिकार को पूर्व में प्रतिबंधित संस्थानों तक विस्तारित करके नागरिकों के सूचना के अधिकार को मजबूत किया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश (149) सबसे कम विकसित देश (एलडीसी) की स्थिति से बाहर आ गया है। यह आर्थिक विकास गरीबी में निरंतर कमी और रहने की स्थिति में सुधार के कारण संभव हुआ है। हालांकि, यह प्रेस के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच सार्वजनिक क्षेत्र में सूचना का प्रवाह बाधित होता है। इस लिस्ट में चीन को 76 वें नंबर पर रखा गया है।
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Author: AK
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