
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तारीखों एलान के बाद पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को श्रीनगर पहुंचे। गुरुवार को श्रीनगर में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद खड़गे और राहुल गांधी ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने श्रीनगर में पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व करना और इसे वापस राज्य का दर्जा दिलाना सबसे जरूरी है। यहां से मेरा खून का रिश्ता है। ऐसे में उम्मीद है कि चुनाव में लोग हमारा साथ जरूर देंगे। राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि लोकसभा चुनाव में हमने पीएम मोदी का कॉन्फिडेंस तोड़ दिया है। अब उनकी छाती 56 इंच की नहीं रही। वे कंधे झुकाकर चलते हैं। जम्मू-कश्मीर चुनाव में गठबंधन तभी होगा जब कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं को इज्जत मिलेगी।हमें नफरत के बाजार में मुहब्बत की दुकान खोलनी है। नफरत की काट नफरत से नहीं हो सकती है, मोहब्ब्त से हो सकती है। हम नफरत को मोहब्बत से हराएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अगर हम जम्मू-कश्मीर चुनाव जीतेंगे तो सारा हिंदुस्तान हमारे कब्जे में आएगा। आज वे (भाजपा) चिंतित हैं और इसीलिए आपने देखा होगा कि वे 2-3 विधेयक पारित करना चाहते थे, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण उन्होंने वापस ले लिया या उन्हें संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया। जब सभी ने वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध किया, तो इसे संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया गया। हम जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देंगे। राहुल और खड़गे दो दिन के जम्मू-कश्मीर दौरे पर हैं। दोनों नेता 21 अगस्त की शाम श्रीनगर पहुंचे। दूसरे दिन दोनों नेता कार्यकर्ताओं से मिले। जम्मू-कश्मीर में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत लगातार जारी है। दोनों दलों के बीच गठबंधन की पूरी संभावना जताई जा रही है। दोनों दल सीटों के बंटवारे पर एक-दो दिन में समझौते को अंतिम रूप देंगे। कांग्रेस कश्मीर घाटी में 12 सीटें चाहती है और उसने जम्मू संभाग में नेशनल कॉन्फ्रेंस को 12 सीटें देने की पेशकश की है। सीटों के बंटवारे पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इसे लेकर एक और दौर की बातचीत होनी है। राहुल गांधी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से उनके आवास पर मुलाकात की है। कांग्रेस का कहना है कि यह एक शिष्टाचार भेंट है, हालांकि इस बातचीत को गठबंधन के प्रयास के रूप में हुई वार्ता के रूप में देखा जा रहा है।
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Author: AK
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