चार दिन बाद 30 अप्रैल से शुरू होने वाली उत्तराखंड चार धाम यात्रा के लिए धामी सरकार ने पूरी तैयारियां कर ली है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रदेश सरकार इस बार सुरक्षा पर भी पूरा फोकस किए हुए है । पिछले दिनों प्रदेश के डीजीपी दीपम सेठ के निर्देश पर पुलिस ने चेकिंग अभियान चला रखा है। इस बार चार धाम आने वाले तीर्थयात्री पुलिस के सुरक्षा के घेरे में भी रहेंगे । प्रदेश सरकार ने यात्रा के दौरान पुलिस को अलर्ट रहने के भी निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ चार धाम आने वाले तीर्थ यात्रियों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कमान संभाल रखी है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप का निरीक्षण कर यात्रा तैयारियों को परखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रांजिट कैंप में तीर्थ यात्रियों को चारों धामों के के मौसम से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। एलईडी स्क्रीन पर यात्रियों के लिए भजन, रामायण, महाभारत, चारधाम यात्रा के धार्मिक पहलुओं और आरती को दिखाया जाएगा। शुक्रवार को ऋषिकेश पहुंचे मुख्यमंत्री धामी एम्स हेलीपैड से सीधे यात्रा बस अड्डा स्थित ट्रांजिट कैंप पहुंचे। ट्रांजिट कैंप में यात्रियों के आफलाइन पंजीकरण आदि की व्यवस्था की गई है। सीएम धामी ने पंजीकरण कक्ष, यात्रा पूछताछ एवं सहायता केंद्र, चिकित्सालय, पुलिस सहायता केंद्र की व्यवस्था को देखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चार धाम यात्रा से पहले ट्रांजिट कैंप में रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को 24 घंटे चालू रखी जाए। उन्होंने कहा ट्रांजिट कैंप में पुलिस, परिवहन, नगर निगम, स्वास्थ्य, जल, पर्यटन, विद्युत, आदि विभागों का संयुक्त हेल्पडेस्क सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में बनाया जाए, जिससे लोगों को एक ही स्थान पर सारी सुविधाएं उपलब्ध हो। उन्होंने कहा हमने श्रद्धालुओं का सहयोगी बनकर यात्रा को सफल बनाना है, जिससे हर श्रद्धालु की यात्रा सकुशल सम्पन्न हो एवं वे उत्तराखंड से यात्रा के अच्छे अनुभव लेकर जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था हो एवं गर्मी से बचाव के लिए कूलर, स्वच्छ पेयजल, टीन शेड, कुर्सियों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा ट्रांजिट कैंप स्थित अस्पताल में सभी प्रकार की दवाइयों की व्यवस्था और चिकित्सकों की तैनाती हो। उन्होंने कहा भीड़ प्रबंधन एवं ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष तौर पर एक्शन प्लान बनाकर प्राथमिकता से कार्य हो। उन्होंने अधिकारियों को ट्रांजिट कैंप में स्थापित रिसेप्शन में चारधाम यात्रा प्रचार सामग्री उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को चार धाम के साथ ही अन्य स्थलों के बारे में भी जानकारी दी जाए। उन्होंने ट्रांजिट परिसर में स्थापित खोया-पाया केंद्र को संपूर्ण यात्रा मार्गों से समन्वय बनाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा ट्रांजिट कैंप परिसर में उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए अलग से स्थान हो। उन्होंने कहा ट्रांजिट कैंप परिसर का चार धाम से संबंधित सभी जिलों में परस्पर समन्वय हो। मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप के कार्यरत कर्मचारियों से भी मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा सभी कर्मचारियों के ऊपर चार धाम यात्रा की बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे निश्चित ही सभी लोग बखूबी निभाएंगे। उन्होंने कहा हमने अपने व्यवहार से सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करना है ताकि वो यात्रा से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय ने बताया कि चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में 24 काउन्टर के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त रिजर्व टीम की तैनाती भी की गई है। यात्रा चिकित्सालय में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। साथ ही पुलिस सहायता केंद्र में पुलिस द्वारा पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित किया गया है। यात्रा ट्रांजिट कैंप में मीडिया सेंटर की व्यवस्था की गई है। केंद्र में यात्री मित्र तैनात किये जाएंगे, जो यात्रियों को विभिन्न सुविधाओं/जानकारियां प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि विभिन्न एनजीओ एवं संगठनों द्वारा यात्रियों को निःशुल्क भोजन, जलपान एवं खाद्य सामग्री की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी एवं कैंटीन की व्यवस्था भी उपलब्ध होगी। पीने के पानी की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
चार धाम यात्रा की तैयारियों को परखने के लिए सात जिलों में ‘मॉक ड्रिल’ की गई
गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पर्व पर खुलने के साथ ही शुरू होने वाली इस वर्ष की चार धाम यात्रा की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को यहां ‘मॉक ड्रिल’ की गई । राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से चारधाम यात्रा के मद्देनजर सात जिलों में मॉक ड्रिल की गई। मॉक ड्रिल के जरिये विभिन्न विभागों की चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियों को परखा गया। आपदा प्रबंधन विभाग की राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला ने यहां बताया कि इस ‘मॉक ड्रिल’ का आयोजन उन सात जिलों में किया गया जहां से होकर श्रद्धालु चारधामों-बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री तक पहुंचते हैं । उन्होंने बताया कि इन जिलों में जमीनी स्तर पर तैयारियों को परखने के लिए यह अभ्यास किया गया। उन्होंने कहा कि ‘मॉक ड्रिल’ से यात्रा की तैयारियों को और अधिक मजबूत और पूर्णतया सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी ।‘मॉक ड्रिल’ देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग और पौड़ी में की गयी । इसका आयोजन राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निकट पर्यवेक्षण में किया। रुहेला ने कहा कि ‘मॉक ड्रिल’ का उद्देश्य चारधाम यात्रा से जुड़े सभी विभागों को एक मंच पर लाना था ताकि यात्रा के दौरान किसी भी आपदा और आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान विभिन्न विभागों के बीच अच्छा समन्वय दिखाई दिया हालांकि कुछ जगह कमियां भी मिलीं जिन्हें यात्रा शुरू होने से पहले दूर कर लिया जाएगा।
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Author: AK
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