बुध, फ़रवरी 4, 2026

Chardham Yatra Hit by Rains: चारधाम यात्रा पर बारिश का असर – बदरीनाथ और गंगोत्री हाईवे बंद

Chardham Yatra Hit by Rains: Badrinath, Gangotri Highways Shut

उत्तराखंड में बारिश के चलते बदरीनाथ और गंगोत्री हाईवे मलबे से बंद, सैकड़ों वाहन फंसे। हेमकुंड साहिब और यमुनोत्री यात्रा भी प्रभावित।

Chardham Yatra Hit by Rains: Badrinath, Gangotri Highways Shut


चारधाम यात्रा पर मौसम की मार: बदरीनाथ और गंगोत्री हाईवे मलबे से बंद, सैकड़ों यात्री फंसे

देहरादून/उत्तरकाशी/चमोली।
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने चारधाम यात्रा को एक बार फिर संकट में डाल दिया है। गुरुवार को चमोली और उत्तरकाशी जिलों में कई हिस्सों में सड़क मार्ग बाधित हो गया। बदरीनाथ और गंगोत्री हाईवे पर मलबा आने से आवाजाही पूरी तरह रुक गई है, जिससे सैकड़ों वाहन और यात्री जगह-जगह फंस गए हैं। वहीं यमुनोत्री मार्ग पर पुल निर्माण कार्य भी बारिश और मशीनरी खराबी के चलते धीमा पड़ गया है।


चमोली जिले में हाईवे बाधित, बदरीनाथ यात्रा फिर भी जारी

नंदप्रयाग में भूस्खलन, छोटे वाहन वैकल्पिक मार्ग से गुजर रहे

चमोली जिले में गुरुवार को तेज बारिश के कारण नंदप्रयाग के पास बदरीनाथ हाईवे पर मलबा आ गया। हालांकि, कोठियालसैण संपर्क मार्ग से छोटे वाहनों की आवाजाही जारी है। प्रशासन की ओर से बताया गया कि यात्रियों को फिलहाल सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है और मलबा हटाने का काम तेजी से जारी है।

हेमकुंड साहिब यात्रा पर भी असर नहीं

बारिश के बावजूद हेमकुंड साहिब यात्रा फिलहाल जारी है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस यात्रा मार्गों की लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि तीर्थयात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा से बचाया जा सके।


उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे बंद, बीआरओ कर रहा काम

भटवाड़ी से बार्सू बैंड के बीच भारी मलबा

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भटवाड़ी से आगे बार्सू बैंड के पास भारी मात्रा में मलबा आने के कारण आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है। सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम मलबा हटाने के लिए मशीनों के साथ मौके पर पहुंच चुकी है। हालांकि बारिश रुकने के बाद ही मशीनरी प्रभावी ढंग से काम कर सकेगी।

यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया

प्रशासन ने मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही यात्रियों को पास के सुरक्षित क्षेत्रों में रोका है। गंगोत्री धाम की ओर बढ़ने वाले कई श्रद्धालु उत्तरकाशी, हर्षिल और अन्य पड़ावों पर फंसे हुए हैं।


यमुनोत्री हाईवे पर बेली ब्रिज का निर्माण बाधित

हाइड्रा मशीन में खराबी और बारिश से बना व्यवधान

यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी में बन रहा बेली ब्रिज बुधवार को बारिश और मशीनरी की तकनीकी खराबी के चलते रुक गया। पुल निर्माण में दो घंटे का व्यवधान आया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। अधिकारियों के अनुसार गुरुवार शाम तक पुल निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद ट्रायल रन के जरिए वाहनों की आवाजाही शुरू कराई जाएगी।

पालीगाड़ से ओजरी तक रास्ता पहले ही बाधित

गौरतलब है कि 28 जून को सिलाई बैंड के पास बादल फटने और मूसलधार बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे पर कई जगहों पर मार्ग अवरुद्ध हो गया था। पालीगाड़ से लेकर ओजरी तक कई स्थानों पर कटिंग कर रास्ता बहाल किया गया, लेकिन ओजरी में गदेरे के उफान के कारण कटिंग संभव नहीं हो सकी, जिस कारण बेली ब्रिज निर्माण का निर्णय लिया गया।


तीर्थयात्रियों को सतर्कता की अपील

प्रशासन ने जारी की यात्रा सलाह

उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग और राज्य प्रशासन की ओर से तीर्थयात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और यात्रा मार्गों की स्थिति की पुष्टि करें।

चारधाम यात्रा पर निकलने वाले लोगों को निम्नलिखित निर्देश दिए गए हैं:

  • केवल पंजीकृत यात्रियों को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी।
  • मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रा स्थगित कर दी जाएगी।
  • किसी भी अनावश्यक जोखिम से बचें और प्रशासन की सलाह का पालन करें।
  • यात्रा मार्गों में बाधा आने की स्थिति में निकटतम नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।

मौसम विभाग की चेतावनी: अभी जारी रह सकती है बारिश

अगले 48 घंटों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। विशेषकर उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि को लेकर भी चेतावनी दी है।


चारधाम यात्रा की महत्ता और जोखिम

करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी

चारधाम यात्रा—बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। यह धार्मिक यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा भी है।

हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान होने वाली प्राकृतिक आपदाएं जैसे भूस्खलन, बादल फटना और मार्ग अवरोधन इस यात्रा को जोखिमपूर्ण बना देती हैं। ऐसे में समय रहते चेतावनी और सावधानी आवश्यक होती है।


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Author: AK

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