केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार सुबह सात बजे वैदिक मंत्रोच्चारण एवं शुभ लग्नानुसार खोल दिए गए। जिसके बाद ग्रीष्मकाल के छह माह तक यहीं पर बाबा केदार की नित्य पूजा अर्चना संपन्न की। कपाट खोलने को लेकर बद्री-केदार मंदिर समिति ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है।कपाटोद्घाटन के लिए मंदिर को 108 क्विंटल फूल-मालाओं से सजाया गया। मंदिर में सबसे पहले कर्नाटक के वीरशैव लिंगायत समुदाय के मुख्य रावल भीमशंकर पहुंचे। इसके बाद बाबा पर 6 महीने पहले चढ़ाया गया भीष्म शृंगार हटाया गया। मंदिर के कपाट खुलते ही केदारघाटी हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठी।
मंदिर के कपाट खुलने से कुछ ही देर पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी पत्नी गीता के साथ केदारनाथ धाम पहुंचे। कपाट खुलने के बाद मुख्यमंत्री पत्नी के साथ ने दर्शन किए। इस दौरान हजारों भक्त मौजूद रहे। हालांकि केदारनाथ धाम में मौसम भी खराब है और बारिश भी शुरू हो चुकी है। भीड़ मैनेज करने के लिए टोकन सिस्टम से दर्शन करवाए जा रहे हैं। भक्त अब अगले 6 महीने तक दर्शन कर सकेंगे। इस बार पहले दिन दर्शन के लिए 11 हजार लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाए हैं। हालांकि केदारधाम के लिए जिस गौरीकुंड से 16 किमी लंबी पैदल यात्रा शुरू होती है, वहां उपलब्ध 1500 कमरों में से 1100 के आसपास ही भरे हैं। होटल, लॉज व्यवसायियों का कहना है कि इस बार पहले दिन पिछले साल जैसी भीड़ नहीं है। इससे पहले सीएम धामी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए कहा- श्री केदारनाथ धाम अपने संपूर्ण वैभव के साथ सज संवरकर तैयार हो चुका है। शुक्रवार प्रात काल विधि विधान के साथ शुभ मुहूर्त में कापट उद्घाटन के साथ ही भक्तगम देवाधिदेव महादेव केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे। मेरे लिए भी अत्यंत सौभाग्य का क्षण है कि मैं भी कपाटोद्घाटन के दौरान श्री केदारनाथ धाम में उपस्थित रहूंगा।
चारधाम यात्रा के लिए अब तक 23 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवाए:
चारधाम यात्रा के लिए अब तक 23 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवाए हैं। इसमें भी सबसे ज्यादा 7.30 लाख श्रद्धालु केदारनाथ जाने वाले हैं। पिछले साल कुल 19.50 लाख ने बाबा केदार के दर्शन किए थे। इससे पहले गुरुवार शाम बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली केदारनाथ धाम पहुंच गई थी। बाबा की डोली को केदारनाथ धाम पहुंचने के बाद भंडार गृह में विराजमान किया गया। केदारनाथ मंदिर को इस मौके पर 108 क्विंटल फूलों से भव्यता से सजाया गया। उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर से जब बाबा की डोली केदारनाथ को रवाना हुई थी तो तभी से हजारों की संख्या में भक्त भी डोली के साथ चलते हुए केदारनाथ पहुंच गए। यमुनोत्री और गंगोत्री धामों के कपाट 30 अप्रैल को खुल चुके हैं। अब 4 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने हैं। बदरीनाथ धाम के कपाट जब खुलेंगे तो तब चारधाम यात्रा पूरी तरह शुरू हो जाएगी। वहीं तृतीय केदार तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली भूतनाथ मंदिर से अपने मंदिर तुंगनाथ के लिए प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंच गई है। आज शुक्रवार को डोली अपने मंदिर पहुंचेगी जहां शुभ लग्न पर सुबह 10.15 बजे तुंगनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। बता दें कि उत्तराखंड की ये चारधाम यात्रा अगले 6 महीने तक चलेगी। अक्टूबर नवंबर में चारधाम यात्रा संपन्न हो जाती है। उसके बाद 6 महीने इन धामों के कपाट बंद रहते हैं।
Author: Abhishek Kumar
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