साहित्य के लिए अमेरिकी कवयित्री लुईस ग्लूक को दिया गया दुनिया का सबसे बड़ा नोबेल पुरस्कार

आज अमेरिकी साहित्य क्षेत्र में खुशियों भरा दिन रहा । साहित्यकार और कवयित्री 77 वर्षीय लुईस ग्लूक को 2020 का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गई । लुईस को साहित्य के लिए दुनिया का सबसे बड़ा सम्मान देने के एलान पर भारत के साहित्यकारों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं । बता दें कि लुईस अमेरिकी येल यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी की प्रोफेसर हैं । उनका जन्म 1943 में न्यूयॉर्क में हुआ था। बीते तीन दिन में चिकित्सा, भौतिकी और रसायन के पुरस्कारों की घोषणा हो चुकी है। सभी पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में दिए जाएंगे। गौरतलब है कि 1968 में लुइस की पहली किताब फर्स्टबोर्न प्रकाशित हुई थी। इसके बाद वे अमेरिका की प्रसिद्ध साहित्यकार बन गईं । लुईस की कविताओं के 12 संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। साल 1992 में आए ‘द वर्ल्ड आइरिस’ को लुईस के बेहतरीन कविता संग्रह में शुमार किया जाता है। इसमें ‘स्नोड्रॉप’ कविता में ठंड के बाद पटरी पर लौटी जिंदगी को दिखाया गया है। बता दें कि साल 2019 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार ऑस्ट्रिया मूल के लेखक पीटर हैंडका को दिया गया था।
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— The Nobel Prize (@NobelPrize) October 8, 2020
The 2020 Nobel Prize in Literature is awarded to the American poet Louise Glück “for her unmistakable poetic voice that with austere beauty makes individual existence universal.”#NobelPrize pic.twitter.com/Wbgz5Gkv8C
Author: AK
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