बीएमसी चुनाव के सभी 227 वार्डों के नतीजे घोषित। भाजपा-शिंदे गठबंधन को स्पष्ट बहुमत, एमएनएस और ओवैसी की पार्टी पीछे रहीं।
BMC Election Results: BJP-Shinde Alliance Wins Majority
परिचय: मुंबई की राजनीति में बड़ा बदलाव
मुंबई की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। देश की सबसे अमीर नगर पालिका बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के 227 वार्डों के चुनाव परिणाम पूरी तरह घोषित हो चुके हैं। इन नतीजों ने न केवल सत्ता संतुलन बदला है, बल्कि करीब 25 वर्षों से चली आ रही ठाकरे परिवार की पकड़ को भी समाप्त कर दिया है।
भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के गठबंधन महायुति ने स्पष्ट बहुमत हासिल करते हुए बीएमसी पर नियंत्रण पा लिया है। वहीं, राज ठाकरे की एमएनएस और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम दोनों ही अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकीं।
बीएमसी चुनाव परिणाम: किसे कितनी सीटें मिलीं
कुल वार्ड: 227
बीएमसी चुनाव के अंतिम आंकड़े इस प्रकार रहे:
- भाजपा: 89 वार्ड
- शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे – यूबीटी): 65 वार्ड
- शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट): 29 वार्ड
- कांग्रेस: 24 वार्ड
- एआईएमआईएम: 8 वार्ड
- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस): 6 वार्ड
- एनसीपी: 3 वार्ड
- समाजवादी पार्टी: 2 वार्ड
- एनसीपी (एसपी): 1 वार्ड
इन नतीजों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
महायुति को स्पष्ट बहुमत, बीएमसी पर कब्जा
बहुमत का आंकड़ा और जीत
बीएमसी में बहुमत के लिए 114 वार्डों की जरूरत होती है।
भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) की गठबंधन सरकार महायुति ने कुल 118 वार्ड जीतकर बहुमत से कहीं आगे निकल गई।
यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि:
- ठाकरे परिवार का 1997 से चला आ रहा प्रभुत्व समाप्त हुआ
- विभाजित शिवसेना के बाद पहली बार बीएमसी चुनाव हुए
- मुंबई की राजनीति में सत्ता का नया केंद्र उभरा
भाजपा बनी सबसे बड़ी पार्टी, रचा इतिहास
भाजपा का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
भाजपा ने बीएमसी चुनाव में 89 वार्ड जीतकर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
पहले भाजपा बीएमसी में शिवसेना की जूनियर पार्टनर मानी जाती थी, लेकिन इस बार उसने खुद को मुख्य ताकत के रूप में स्थापित कर दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा की जीत के पीछे ये कारण रहे:
- केंद्र और राज्य सरकार का प्रभाव
- विकास आधारित चुनाव अभियान
- शहरी मतदाताओं का समर्थन
- संगठित चुनावी रणनीति
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी): मजबूत लेकिन सत्ता से दूर
दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी यूबीटी
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने 65 वार्ड जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया।
हालांकि पार्टी ने कई पारंपरिक गढ़ों में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन बहुमत से काफी पीछे रह गई।
पार्टी का बयान
यूबीटी गुट ने कहा कि उन्होंने कड़ी टक्कर दी और जनसमर्थन बनाए रखा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यह परिणाम भविष्य की राजनीति के लिए आधार बनेगा।
एमएनएस और एआईएमआईएम का कमजोर प्रदर्शन
राज ठाकरे की एमएनएस क्यों पिछड़ी
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) को केवल 6 वार्डों में जीत मिली।
यह परिणाम पार्टी के लिए निराशाजनक रहा, खासकर तब जब राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे लंबे समय बाद साथ आए थे।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- मराठी अस्मिता का मुद्दा सीमित असर दिखा सका
- शहरी मतदाताओं ने विकास को प्राथमिकता दी
- गठबंधन की रणनीति स्पष्ट नहीं थी
एआईएमआईएम भी एमएनएस से आगे नहीं निकल सकी
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने 8 वार्ड जीते।
हालांकि पार्टी ने कुछ मुस्लिम बहुल इलाकों में अपनी पकड़ बनाए रखी, लेकिन कुल प्रभाव सीमित रहा।
कांग्रेस और अन्य दलों की स्थिति
कांग्रेस ने 24 वार्ड जीतकर अपेक्षाकृत संतुलित प्रदर्शन किया, लेकिन वह निर्णायक भूमिका में नहीं आ सकी।
एनसीपी, समाजवादी पार्टी और एनसीपी (एसपी) जैसी पार्टियों का प्रदर्शन सीमित रहा और वे सत्ता समीकरण से बाहर रहीं।
बीएमसी: देश की सबसे अमीर नगर पालिका
क्यों अहम है बीएमसी
बृहन्मुंबई महानगरपालिका सिर्फ एक नगर निकाय नहीं, बल्कि देश की सबसे अमीर नगरपालिका है।
- वार्षिक बजट: 74,000 करोड़ रुपये से अधिक
- जिम्मेदारी: सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन
- मुंबई जैसे महानगर का प्रशासन
इसी वजह से बीएमसी चुनाव को महाराष्ट्र की राजनीति का सेमीफाइनल भी कहा जाता है।
शिंदे और फडणवीस का बयान
शिंदे का ठाकरे परिवार पर हमला
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मुंबई की जनता ने 25 वर्षों से सत्ता में रहे लोगों के खिलाफ मतदान किया है।
उनके अनुसार, मतदाताओं ने भावनात्मक मुद्दों की बजाय विकास को चुना।
फडणवीस बोले – मोदी के नेतृत्व की जीत
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विकास नीतियों की जीत बताया।
उन्होंने कहा कि अब मुंबई को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा।
आगे क्या: मेयर और स्थायी समिति पर नजर
अगला कदम क्या होगा
अब सभी की नजरें बीएमसी के:
- नए मेयर
- उपमेयर
- स्थायी समिति
के गठन पर टिकी हैं।
चूंकि महायुति को स्पष्ट बहुमत है, इसलिए इन सभी पदों पर उसी का नियंत्रण रहेगा।
निष्कर्ष: मुंबई ने बदली सत्ता की तस्वीर
बीएमसी चुनाव परिणामों ने साफ कर दिया है कि मुंबई की राजनीति अब नए दौर में प्रवेश कर चुकी है।
विकास, स्थिरता और प्रशासनिक क्षमता इस चुनाव के मुख्य मुद्दे रहे, जिन पर मतदाताओं ने फैसला सुनाया।
भाजपा-शिंदे गठबंधन की जीत न केवल बीएमसी तक सीमित है, बल्कि इसका असर आने वाले महाराष्ट्र और देश की राजनीति पर भी दिखाई देगा।
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Author: AK
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