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Iran Blast: ईरान में दो जबरदस्त बम विस्फोट में 150 अधिक लोगों की मौत, कासिम सुलेमानी की बरसी पर जुटे थे हजारों लोग

Blasts near Iran general Qasem Soleimani’s tomb kill 150

ईरान में बुधवार को ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की चौथी बरसी पर उनकी कब्र के पास दो शक्तिशाली बम विस्फोट हुए। इस विस्फोट में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। करीब 150 लोग घायल भी हो गए हैं। विस्फोटों के बाद कब्र के पास भगदड़ मच गई, जिसमें कई दर्जन लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल पर भारी फोर्स को तैनात किया गया है। केरमन के लोकल मीडिया ने अल अरबिया टीवी को बताया कि बुधवार को पहला धमाका एक सूटकेस में रखे गए बम से हुआ। इसे रिमोट से ब्लास्ट किया गया। दोनों धमाकों के बीच 10 सेकंड का अंतर था। पहला धमाका सुलेमानी के मकबरे से 700 मीटर दूर हुआ। दूसरा धमाका, सिक्योरिटी चेक पोस्ट के करीब हुआ।

Blasts near Iran general Qasem Soleimani’s tomb kill 150

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियोज में सड़क पर कई शव दिखाई दे रहे हैं। ईरानी राज्य मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में विस्फोट के बाद इलाके में बड़ी भीड़ भागती हुई दिखाई दे रही है। ऐसे में मृतकों की संख्या अभी बढ़ भी सकती है। ईरान के उप गवर्नर ने इस घटना को आतंकवादी हमला करार दिया है। वहीं, गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ इजरायल के चल रहे युद्ध को लेकर मध्यपूर्व में बढ़े तनाव के बीच एक वरिष्ठ अधिकारी ने इन विस्फोटों को आतंकवादी हमला करार दिया है। अमेरिका ने जनरल कासिम सुलेमानी को साल 2020 में एक ड्रोन हमले में मारा था। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद सुलेमानी को देश के सबसे ताकतवर लोगों में गिना जाता था। कासिम सुलेमानी ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के सर्वोच्च कमांडर थे। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की विदेशी ऑपरेशन शाखा, कुद्स फोर्स के कमांडर के रूप में, वह पूरे क्षेत्र में ईरानी नीति के वास्तुकार थे। वह कुद्स फोर्स के गुप्त मिशनों और हमास और हिजबुल्लाह सहित सहयोगी सरकारों और सशस्त्र समूहों को मार्गदर्शन, धन, हथियार, खुफिया और रसद सहायता के प्रभारी थे। ईरान की सेना में एक अल-कुद्स यूनिट या डिवीजन है। वहां की सेना को रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कहा जाता है। अल-कुद्स के बारे में कहा जाता है कि कि ये ईरान के बाहर दूसरे देशों में सीक्रेट मिलिट्री ऑपरेशंस चलाती है। सुलेमानी 1998 में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की स्पेशलिस्ट एजेंट्स की टुकड़ी ‘कुद्स आर्मी’ के प्रमुख बने थे। जनरल कासिम सुलेमानी इसी यूनिट के चीफ थे। 2020 में मारे जाने से पहले उन्होंने सऊदी अरब और इराक के अलावा कुछ और देशों में भी सीक्रेट ऑपरेशंस किए थे। तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुलेमानी की हत्या का आदेश दिया था। उन्होंने सुलेमानी को दुनिया में कहीं भी नंबर एक आतंकवादी बताया था।

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AK
Author: AK

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