बुध, फ़रवरी 4, 2026

Bihar’s Strong Presence in Civil Services: सिविल सेवा में बिहार का दबदबा, 15 युवा बने IAS

Bihar’s Strong Presence in Civil Services

UPSC 2024 के नतीजों में बिहार के 15 युवाओं ने IAS बनकर राज्य का नाम रोशन किया। जानिए पूरी सूची, कैडर अलॉटमेंट और इस सफलता का महत्व।

Bihar’s Strong Presence in Civil Services: 15 Young IAS Officers


भूमिका: बिहार की मेहनत ने फिर दिखाया कमाल

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है। हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता कुछ चुनिंदा लोगों को ही मिलती है। UPSC 2024 के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बिहार सिविल सेवा की तैयारी का मजबूत गढ़ बना हुआ है। इस बार राज्य से कुल 15 उम्मीदवार IAS बने हैं। यह उपलब्धि न केवल इन युवाओं और उनके परिवारों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे बिहार के लिए भी सम्मान की बात है।


बिहार और सिविल सेवा की परंपरा

बिहार का सिविल सेवा से रिश्ता दशकों पुराना है। आजादी के बाद से ही यहां के युवाओं ने प्रशासनिक सेवाओं में अपनी अलग पहचान बनाई है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जैसे शहर लंबे समय से UPSC की तैयारी के बड़े केंद्र रहे हैं।
यहां के छात्रों की खासियत रही है कठिन परिस्थितियों में भी पढ़ाई के प्रति समर्पण। सीमित संसाधन, आर्थिक चुनौतियां और प्रतियोगिता का दबाव होने के बावजूद बिहार के युवा लगातार सफल हो रहे हैं। UPSC 2024 में 15 IAS का चयन इसी परंपरा को आगे बढ़ाता है।


UPSC 2024: बिहार का शानदार प्रदर्शन

UPSC 2024 के परिणामों में बिहार के उम्मीदवारों ने पूरे देश में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। इस बार चयनित 15 IAS अधिकारियों ने यह साबित कर दिया कि निरंतर मेहनत, सही रणनीति और धैर्य से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
इन सफल उम्मीदवारों में कुछ ऐसे हैं जिन्होंने टॉप 100 रैंक के भीतर जगह बनाई है, वहीं कुछ ने लंबी तैयारी के बाद सफलता पाई। यह विविधता दिखाती है कि सफलता का कोई एक रास्ता नहीं होता।


Bihar Young IAS: पूरी सूची

नीचे UPSC 2024 में चयनित बिहार के IAS अधिकारियों की सूची दी गई है:

रैंक – चयनित उम्मीदवार का नाम
8 – राज कृष्ण झा
13 – हेमंत
17 – संस्कृति त्रिवेदी
37 – शोभिका पाठक
69 – कुमुद मिश्रा
115 – रित्विक मेहता
195 – ऋत्विक रंजन
213 – अर्नव आनंद गुप्ता
266 – संदीप कुमार
269 – पारस कुमार
347 – सुधा चौहान
373 – लक्ष्मी नारायण वर्मा
391 – सौरभ सुमन
405 – सुशांत कुमार
989 – दीपक कुमार

यह सूची साफ दिखाती है कि बिहार के युवाओं ने हर रैंक रेंज में अपनी छाप छोड़ी है।


IAS कैडर अलॉटमेंट क्या होता है?

IAS बनने के बाद सबसे अहम प्रक्रिया होती है कैडर अलॉटमेंट। कैडर अलॉटमेंट लिस्ट के जरिए यह तय किया जाता है कि किसी IAS अधिकारी को किस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में सेवा देनी है।
कैडर अलॉटमेंट कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे उम्मीदवार की रैंक, उसकी कैडर प्रेफरेंस और सरकार की नीति। यही कारण है कि कई बार किसी राज्य के उम्मीदवार को दूसरे राज्य का कैडर मिलता है।


कैडर अलॉटमेंट का महत्व

कैडर अलॉटमेंट किसी भी IAS अधिकारी के करियर की दिशा तय करता है। शुरुआती पोस्टिंग से लेकर भविष्य के अनुभव तक, कैडर की भूमिका बेहद अहम होती है।
बिहार से बने कई IAS अधिकारी पहले भी दूसरे राज्यों में शानदार काम कर चुके हैं और बाद में केंद्र सरकार में डेप्युटेशन पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। इससे यह साबित होता है कि कैडर चाहे कोई भी हो, अधिकारी की क्षमता और ईमानदारी ही असली पहचान बनती है।


10 IAS को मिला बिहार कैडर

UPSC 2024 की कैडर अलॉटमेंट लिस्ट में बिहार के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है। इस बार बिहार कैडर को कुल 10 IAS अधिकारी मिले हैं।
UPSC AIR 8 हासिल करने वाले सीतामढ़ी के बेटे राज कृष्ण झा को होम कैडर मिला है। यह न सिर्फ उनके लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। होम कैडर मिलने से अधिकारी को अपने राज्य में काम करने और स्थानीय समस्याओं को करीब से समझने का मौका मिलता है।


बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा

इन 15 IAS अधिकारियों की सफलता बिहार के लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है। यह संदेश साफ है कि सही दिशा में मेहनत की जाए तो सफलता जरूर मिलती है।
आज के समय में ऑनलाइन संसाधन, टेस्ट सीरीज और गाइडेंस की सुविधा पहले से कहीं ज्यादा उपलब्ध है। जरूरत है तो बस निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास की।


चुनौतियां और संघर्ष की कहानी

हर IAS की सफलता के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी होती है। कई उम्मीदवारों ने एक से ज्यादा प्रयासों में सफलता पाई, तो कुछ ने नौकरी के साथ तैयारी की।
बिहार के इन युवाओं की कहानी बताती है कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना जरूरी है।


भविष्य में बिहार की भूमिका

जिस तरह से बिहार के युवा लगातार UPSC में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, उससे साफ है कि आने वाले वर्षों में भी राज्य का दबदबा कायम रहेगा।
शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता, बेहतर मार्गदर्शन और सकारात्मक माहौल बिहार को सिविल सेवा की तैयारी का मजबूत केंद्र बनाए रखेगा।


निष्कर्ष

UPSC 2024 में बिहार के 15 युवाओं का IAS बनना पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि दिखाती है कि बिहार केवल इतिहास और संस्कृति का राज्य नहीं, बल्कि प्रतिभा और मेहनत का भी प्रतीक है।
इन सफल अधिकारियों की यात्रा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी और यह विश्वास दिलाएगी कि सपने बड़े हों तो उन्हें पूरा करना भी संभव है।

यह भी पढ़ेTRAI ने जारी किए नए सिम कार्ड Rule, अब नहीं करवाना पड़ेगा महंगा रिचार्ज, यहां देखें पूरी डिटेल्स

यह भी पढ़ेBAFTA Awards 2025:ऑल वी इमेजिन एज लाइट’ समेत 4 भारतीय फिल्मों का देखेगा BAFTA 2025 में जलवा , यहां देखें फिल्मों की लिस्ट

Bihar Young IAS, बिहार IAS अधिकारी, UPSC 2024 रिजल्ट, IAS कैडर अलॉटमेंट, बिहार सिविल सेवा सफलता

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News

Discover more from DW Samachar

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading