
बिहार स्वर कोकिला शारदा सिन्हा ने 72 साल की उम्र में मंगलवार रात दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली। शारदा सिन्हा का कई दिनों से इलाज चल रहा था। वहीं उनकी सलामती के लिए पूरे देश में दुआओं का दौर भी जारी था लेकिन वह जिंदगी की जंग हार गईं। उन्होंने रात 09:20 पर अंतिम सांस ली।

बता दें कि छठ गीत की पर्याय शारदा सिन्हा की को बीते लंबे समय से बीमार थीं। सोमवार रात वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। उनका ऑक्सीजन लेवल गिर रहा था। लोक गायिक के बेटे अंशुमन सिन्हा ने अपने एक वीडियो संदेश में बताया था। उनका कहना था कि ‘मल्टीपल ऑर्गन डिस्फंक्शन की हालत के चलते मां बहुत बड़ी लड़ाई में जा चुकी है। अब काफी मुश्किल है। आप सब प्रार्थना कीजिए, कि वो लड़ कर बाहर आ सकें। छठी मां कृपा करें।’
वहीं आज मंगलवार को बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह लोकगायिका शारदा सिन्हा का हालचाल जानने एम्स पहुंचे थे।
बिहार की संगीत को ऊपर ले जाने का रहा योगदान:

शारदा सिन्हा को संगीत में योगदान के लिए 1991 में पद्मश्री और 2018 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था। उन्होंने ‘विवाह गीत’ और ‘छठ गीत’ उनके चर्चित गानों में शुमार हैं। शारदा सिन्हा ने शास्त्रीय संगीत में MA की उपलब्धि ले रखी थी। उन्होंने बॉलीवुड में भी अपनी आवाज की जादू बिखेरी थी।


Author: AK
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