बिहार के कैमूर में बन रहा नया ग्लास ब्रिज अब राज्य का प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट बनेगा, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन को मिलेगा नया जीवन।
Bihar’s New Tourist Marvel: Glass Bridge Coming to Kaimur
परिचय: बिहार को मिला नया पर्यटन रत्न
जब भी भारत के पर्यटन स्थलों की बात होती है, तो उत्तराखंड, हिमाचल और केरल जैसे राज्यों का नाम सबसे पहले लिया जाता है। लेकिन अब बिहार भी इस सूची में मजबूती से अपनी जगह बना रहा है। नालंदा में पहला ग्लास ब्रिज बनने के बाद अब कैमूर जिले के तेल्हाड़ कुंड में राज्य सरकार ने दूसरा ग्लास ब्रिज बनाने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस नई परियोजना से न केवल क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा, बल्कि बिहार के पर्यटन मानचित्र पर एक नया सितारा भी उभरेगा।
तेल्हाड़ कुंड प्राकृतिक रूप से समृद्ध, सुरम्य और अब तकनीकी रूप से आधुनिक बनने की ओर अग्रसर है। इस लेख में जानिए कि यह परियोजना बिहार की तस्वीर कैसे बदल सकती है और इसके दूरगामी प्रभाव क्या होंगे।
तेल्हाड़ कुंड: कैमूर का छुपा खज़ाना
प्राकृतिक सौंदर्य और आकर्षण का केंद्र
तेल्हाड़ कुंड कैमूर जिले का एक प्रसिद्ध जलप्रपात है, जो घने जंगलों, पहाड़ियों और झरनों के बीच स्थित है। इसकी ऊंचाई से गिरता पानी, कोहरे से ढकी वादियां और चट्टानों की आकृति इसे अत्यंत आकर्षक बनाती है। यह स्थान पहले से ही ट्रेकिंग और पिकनिक के शौकीनों के लिए खास रहा है, लेकिन अब इसे एक राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
नई परियोजना: कैमूर में बनने जा रहा है बिहार का दूसरा ग्लास ब्रिज
पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम
बिहार सरकार ने कैमूर के तेल्हाड़ कुंड में ग्लास ब्रिज, झूला पुल और वॉच टावर बनाने की योजना को हरी झंडी दे दी है। इस परियोजना पर लगभग 9 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह राज्य का दूसरा ग्लास ब्रिज होगा; पहला ब्रिज नालंदा जिले में बनाया गया है।
डीएफओ चंचल प्रकाशम के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हालिया दौरे में इस परियोजना को स्वीकृति दी गई, और बरसात के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
स्थानीय लोगों को मिलेंगे रोजगार के अवसर
पर्यटन से जुड़े नए व्यवसायों की शुरुआत
ग्लास ब्रिज और अन्य संरचनाओं के निर्माण से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विशेष रूप से युवा वर्ग गाइडिंग, फूड स्टॉल, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों की बिक्री जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हो सकेंगे। महिलाओं के लिए भी हस्तनिर्मित वस्तुओं और स्थानीय कारीगरी को बेचने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहन मिलेगा।
पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था क्षेत्र में नई ऊर्जा लाएगी, जिससे आसपास के गांवों और कस्बों का आर्थिक विकास तेज़ी से हो सकेगा।
ग्लास ब्रिज: रोमांच और अनुभव का नया नाम
पर्यटकों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं
ग्लास ब्रिज की खासियत यह है कि इसमें पारदर्शी सतह से नीचे बहते झरने को देखा जा सकता है। इससे रोमांच, साहसिकता और दृश्यात्मक आनंद तीनों का अनुभव एक साथ मिलता है। इसके साथ बनने वाला झूला पुल और वॉच टावर पर्यटकों को प्रकृति के और करीब ले जाएगा।
युवाओं के लिए यह एक फोटोग्राफी और सेल्फी हॉटस्पॉट बन सकता है, वहीं परिवारों के लिए यह एक सुकूनभरी छुट्टी का स्थान भी साबित होगा।
पर्यटन के नक्शे पर उभरेगा कैमूर
बिहार के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
अब तक बिहार का नाम मुख्य रूप से बौद्ध, जैन और ऐतिहासिक पर्यटन के लिए जाना जाता था—जैसे बोधगया, राजगीर, और नालंदा। लेकिन अब कैमूर जैसे प्राकृतिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे राज्य में एडवेंचर और इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
इससे बिहार की राजस्व प्राप्ति में वृद्धि के साथ-साथ राज्य की छवि भी सशक्त होगी। युवाओं के लिए यह गौरव की बात है कि अब उन्हें अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल देखने को मिलेंगे।
सरकार की रणनीति और दीर्घकालिक सोच
सस्टेनेबल टूरिज्म पर जोर
इस परियोजना के माध्यम से राज्य सरकार केवल बुनियादी ढांचा नहीं बना रही, बल्कि यह एक सतत विकास मॉडल की दिशा में भी कदम है। जंगलों और पर्यावरण को संरक्षित रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना एक चुनौती है, लेकिन यह संभव है जब स्थानीय समुदाय, प्रशासन और पर्यटक मिलकर जिम्मेदारी निभाएं।
पर्यावरणीय प्रभाव आकलन, वेस्ट मैनेजमेंट, और ईको-फ्रेंडली संसाधनों के प्रयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी यह सौंदर्य मिल सके।
निष्कर्ष: कैमूर से बदलेगी बिहार की पहचान
तेल्हाड़ कुंड में बनने वाला ग्लास ब्रिज बिहार के पर्यटन में नई क्रांति ला सकता है। यह केवल एक आकर्षण नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास का भी माध्यम बनेगा।
जहां एक ओर यह परियोजना स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और अवसर लेकर आएगी, वहीं दूसरी ओर बिहार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नया पहचान दिला सकती है। यदि योजना के अनुसार इसका निर्माण और संचालन होता है, तो कैमूर आने वाले वर्षों में बिहार के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक बन सकता है।
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Author: AK
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