
बिहार की राजधानी पटना से एक जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। पटना के पटेल नगर में स्थित एक शेल्टर होम में दो लड़कियों की अचानक मौत होने की घटना सामने आई है। इस मामले से हड़कंप मच गया है। बताया जाता है कि खिचड़ी खाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। अभी 11 लड़कियों का इलाज पीएमसीएच (PMCH) में चल रहा है। डॉक्टर के अनुसार ये सभी खतरे से बाहर हैं। जानकारी के अनुसार फिल्हाल शेल्टर होम में अभी भी 44 बच्चियां मौजूद हैं।
वहीं इस घटना पर पीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉक्टर अशोक कुमार ने कहा कि 13 बच्चियों को यहां भर्ती कराया गया था। इन लोगों को उल्टी और लूज मोशन की शिकायत थी। इस इलाज के दौरान दो की मौत हो गई है। जिन बच्चियों की मौत हुई है उनका नाम मोहिनी और गीता कुमारी है। इसके अलावा अन्य 11 बच्चियों का इलाज चल रहा है, जो खतरे से बाहर है।
फूड पॉइजनिंग या है कुछ और मामला ?
इस घटना के बाद शुरुआती तौर पर फूड पॉइजनिंग की बात सामने आ रही है। हालांकि यह जांच और रिपोर्ट के बाद पता चल सकेगा कि कैसे क्या हुआ है। बच्चियां बीमार कैसे हुईं? क्या फूड पॉइजनिंग हो गया? इस पर पीएमसीएच के उपाधीक्षक ने कहा कि बीमार क्यों पड़ीं यह कह पाना अभी मुश्किल है। इस मामले की पूरी जांच चल रही है।
इस पूरे मामले में सचिवालय एसडीपीओ-2 साकेत कुमार ने बुधवार (13 नवंबर) को कहा कि 7 नवंबर को पहली बच्ची की मौत हुई थी। 10 नवंबर को दूसरी बच्ची की मौत हुई है।अभी जांच चल रही है। पूछताछ और अब तक की जांच में पता चला है कि बच्चियों ने खिचड़ी खाई थी। उसके बाद तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उल्टी और लूज मोशन होने लगे, जिसके बाद फिर सभी को अस्पताल ले जाया गया।
जांच के लिए कमेटी का किया गया गठन
साकेत कुमार ने कहा कि वैसे अन्य एंगल से भी जांच की जा रही है। पटना जिलाधिकारी ने जांच के लिए कमेटी का भी गठन किया है। फूड इंस्पेक्टर द्वारा शेल्टर होम के पानी और खाने का सैंपल लिया गया है। वहीं बाकी बच्चियों की सुरक्षा को देखते हुए आसरा गृह में एक डॉक्टर, दो एएनएम की प्रतिनियुक्ति 17 तारीख तक के लिए कर दी गई है। साथ हीं यहां 24 घंटे एंबुलेंस भी रहेगी।
Author: AK
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