मंगल, अप्रैल 14, 2026

Bihar to Launch ‘Bharat Series’ EPIC: बिहार में पहली बार मिलेगा ‘भारत सीरीज’ ईपिक: हर वोटर के लिए यूनिक नंबर

Bihar to Launch ‘Bharat Series’ EPIC: Unique Voter ID for All

बिहार में पहली बार ‘भारत सीरीज’ ईपिक जारी होगा, जिससे हर वोटर को एक यूनिक नंबर मिलेगा। 15 दिन में कार्ड डिलीवरी और पते का आसान अपडेट।

Bihar to Launch ‘Bharat Series’ EPIC: Unique Voter ID for All

बिहार में पहली बार ‘भारत सीरीज’ ईपिक: हर वोटर को मिलेगा यूनिक नंबर

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बड़े बदलाव

बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव 2025 कई मायनों में ऐतिहासिक होंगे। इस बार चुनाव आयोग (ECI) ने मतदाताओं के लिए कई नई और आधुनिक सुविधाएं लागू करने का निर्णय लिया है, जिनमें सबसे अहम है ‘भारत सीरीज’ ईपिक (EPIC – Electors Photo Identity Card) की शुरुआत। यह प्रणाली मतदाताओं को पूरे देश में एक ही यूनिक नंबर प्रदान करेगी, जिससे स्थान परिवर्तन पर केवल पता अपडेट करना होगा, लेकिन नंबर वही रहेगा।

यह कदम न केवल पहचान प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाएगा, बल्कि डुप्लीकेट वोटर आईडी जैसी समस्याओं को भी खत्म करेगा।

‘भारत सीरीज’ ईपिक क्या है और क्यों खास है?

‘भारत सीरीज’ ईपिक देशभर में एकीकृत मतदाता पहचान प्रणाली का हिस्सा है। अभी तक हर राज्य में स्थान परिवर्तन करने पर नए वोटर आईडी कार्ड के साथ नया नंबर मिलता था, लेकिन नई व्यवस्था में यह परेशानी खत्म होगी।

इसके प्रमुख फायदे:

  • यूनिक राष्ट्रीय नंबर: मतदाता का एक ही EPIC नंबर पूरे भारत में मान्य होगा।
  • पता अपडेट की सुविधा: स्थान बदलने पर केवल पता बदलेगा, नंबर वही रहेगा।
  • डुप्लीकेट नंबर की समस्या खत्म: एक ही व्यक्ति के दो नंबर नहीं होंगे।

उदाहरण के लिए, अगर कोई मतदाता पटना से दिल्ली शिफ्ट होता है, तो उसे नए सिरे से वोटर आईडी बनवाने की जरूरत नहीं होगी, बस पता बदलना होगा।


मतदाता सूची और पर्ची में बड़े बदलाव

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची और मतदाता सूचना पर्ची में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, ताकि पारदर्शिता और सुविधा दोनों में सुधार हो।

1. मृत्यु पंजीकरण डेटा का एकीकरण

अब मृत्यु पंजीकरण का डेटा सीधे पंजीयक जनरल, भारत (RGI) के डेटाबेस से लिया जाएगा। सत्यापन के बाद मृत व्यक्तियों के नाम स्वतः मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे। इससे फर्जी मतदान और मृत व्यक्तियों के नाम पर वोट डालने जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी।

2. पर्ची में स्पष्ट जानकारी

मतदाता सूचना पर्ची में क्रम संख्या और भाग संख्या अब बड़े और स्पष्ट अक्षरों में लिखी जाएगी, जिससे बूथ पर वोटर को अपना नाम आसानी से मिल सके।


15 दिनों में मिलेगा नया ईपिक

नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत अब मतदाता सूची में नाम जुड़ने या किसी जानकारी में बदलाव होने के 15 दिनों के भीतर नया ईपिक मतदाता को उपलब्ध कराया जाएगा।

इस प्रक्रिया की खास बातें:

  • रियल-टाइम ट्रैकिंग: डाक विभाग द्वारा कार्ड की डिलीवरी की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी।
  • SMS अपडेट: मतदाता को हर चरण की जानकारी SMS के जरिए मिलेगी।

इससे पहले, नए वोटर आईडी के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया बेहद तेज और पारदर्शी हो जाएगी।


बूथ नियमों में बदलाव

चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों और बूथ व्यवस्था से जुड़ी कई नीतिगत बदलाव भी किए हैं।

प्रमुख बदलाव:

  • प्रचार बूथ की दूरी घटाई गई: अब राजनीतिक दल मतदान केंद्र से केवल 100 मीटर की दूरी पर प्रचार बूथ लगा सकेंगे। पहले यह सीमा 200 मीटर थी।
  • मतदाता संख्या में कमी: अब एक बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाता होंगे, जबकि पहले यह सीमा 1500 थी। इससे मतदान के दिन भीड़ कम होगी और प्रक्रिया तेजी से पूरी होगी।

शहरी मतदाताओं के लिए खास कदम

शहरी इलाकों में गिरते मतदान प्रतिशत को देखते हुए चुनाव आयोग ने एक नया प्रयोग शुरू किया है।

अपार्टमेंट और कॉलोनियों के अंदर बूथ

अब बड़े अपार्टमेंट परिसरों और रिहायशी कॉलोनियों में सीधे अंदर मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।

  • फायदा: मतदाताओं को लंबी कतारों और दूर तक यात्रा करने की परेशानी नहीं होगी।
  • उम्मीद: इससे शहरी क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत बढ़ेगा।

बदलाव का असर: पारदर्शिता, सुविधा और भरोसा

ये सभी बदलाव सिर्फ तकनीकी सुधार नहीं हैं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के प्रयास हैं।

  • पारदर्शिता: डुप्लीकेट और फर्जी वोटिंग में कमी आएगी।
  • सुविधा: पता बदलने पर नया कार्ड बनाने की जरूरत नहीं।
  • भरोसा: मतदाता और चुनाव आयोग के बीच विश्वास में वृद्धि।

निष्कर्ष

बिहार में ‘भारत सीरीज’ ईपिक की शुरुआत सिर्फ एक राज्य में नया प्रयोग नहीं है, बल्कि यह पूरे देश में मतदाता पहचान को एकीकृत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 इन बदलावों के साथ तकनीक, पारदर्शिता और सुविधा का नया मानक स्थापित करेगा।

यदि यह प्रणाली सफल रही, तो 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले सभी राज्यों के मतदाताओं को इसका लाभ मिलेगा। यह पहल न केवल चुनाव प्रक्रिया को आधुनिक बनाएगी, बल्कि हर नागरिक के वोट की ताकत और महत्व को भी बढ़ाएगी।


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Author: AK

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