बिहार में दूरी आधारित स्थानांतरण नीति के तहत शिक्षकों की नई सूची जारी, शिक्षकों को पसंदीदा स्कूल में कार्य करने का मौका मिलेगा।
Bihar Teacher Transfer: New List Based on Distance Policy
बिहार में शिक्षक तबादले की नई व्यवस्था: दूरी के आधार पर ट्रांसफर
बिहार सरकार ने शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय दूरी आधारित स्थानांतरण नीति लागू की है। इस नीति का उद्देश्य न केवल शिक्षकों को उनके इच्छित स्थानों पर कार्य करने का अवसर देना है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और व्यवस्थित बनाना भी है। मधुबनी जिले में इस नीति के तहत शुक्रवार को नई तबादला सूची जारी की गई, जिससे सैकड़ों शिक्षकों को राहत मिली है।
क्या है दूरी आधारित स्थानांतरण नीति?
शिक्षक हित में नई पहल
इस नीति के अनुसार, शिक्षक का तबादला उनके मूल नियुक्ति स्थल से वर्तमान विद्यालय की दूरी को प्राथमिकता देते हुए किया जाता है। इसके अलावा, शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन आवेदन में दिए गए पसंदीदा स्कूलों को भी यथासंभव ध्यान में रखा जाता है। इससे शिक्षक अपने निवास के नजदीक कार्य कर सकते हैं और शैक्षणिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे सकते हैं।
मधुबनी जिले में तबादलों का आंकड़ा
कुल आवेदन और स्थानांतरण
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
- कुल ऑनलाइन आवेदन: 1,136
- महिला शिक्षक: 478
- पुरुष शिक्षक: 658
- स्वीकृत तबादले: 876
इससे पहले जिले में विभिन्न चरणों में कुल 4,700 शिक्षकों का तबादला किया जा चुका है। यह प्रक्रिया अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में और भी शिक्षकों के स्थानांतरण की संभावना है।
सभी स्तरों के शिक्षकों का समावेश
प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक
तबादला प्रक्रिया में बेसिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक के शिक्षकों को शामिल किया गया है। वर्गानुसार विवरण:
- प्राथमिक विद्यालय:
- कुल आवेदक: 1600
- स्थानांतरित शिक्षक: 700
- मध्य विद्यालय:
- कुल आवेदक: 1200
- स्थानांतरित शिक्षक: 500
- माध्यमिक विद्यालय:
- कुल आवेदक: 1000
- स्थानांतरित शिक्षक: 600
- उच्चतर माध्यमिक विद्यालय:
- कुल आवेदक: 800
- स्थानांतरित शिक्षक: 400+
यह विविधता बताती है कि शिक्षा विभाग ने हर स्तर के शिक्षक को ध्यान में रखते हुए नीति को क्रियान्वित किया है।
विषयवार तबादलों की जानकारी
संतुलित विषय वितरण
विषयों के अनुसार स्थानांतरित शिक्षकों की संख्या कुछ इस प्रकार रही:
- विज्ञान: 139
- गणित: 97
- वाणिज्य एवं अर्थशास्त्र: 58
- भाषा एवं सामाजिक विज्ञान (हिन्दी, संस्कृत, इतिहास): 67
- अंग्रेज़ी: 29
इसका उद्देश्य विभिन्न विषयों में शिक्षकों की समान उपस्थिति सुनिश्चित करना है ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
शिक्षकों को क्या मिलेगा लाभ?
पेशेवर और पारिवारिक संतुलन
दूरी आधारित तबादला नीति से शिक्षकों को कई लाभ मिल रहे हैं:
- काम और घर के बीच संतुलन:
नजदीकी स्कूलों में पदस्थापन से यात्रा में लगने वाला समय और खर्च दोनों की बचत होती है। - स्वस्थ मानसिक स्थिति:
मानसिक तनाव कम होने से शिक्षक अधिक उत्साह और ऊर्जा के साथ पढ़ा सकते हैं। - विद्यालयों में स्थायित्व:
लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में काम करने से स्कूल में स्थायित्व और निरंतरता बनी रहती है।
शिक्षकों की प्रतिक्रियाएं
मिश्रित प्रतिक्रियाएं लेकिन संतोषजनक प्रक्रिया
कई शिक्षकों ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता की सराहना की है। वहीं कुछ शिक्षकों को यह शिकायत रही कि उनकी पसंद के स्कूल में जगह उपलब्ध नहीं थी, लेकिन वे इस बात से संतुष्ट हैं कि कम से कम दूरी के आधार पर उन्हें स्थान मिला।
एक प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका, रीता देवी का कहना है:
“मैं पिछले 10 साल से अपने गांव से 50 किलोमीटर दूर स्कूल में पढ़ा रही थी। अब मुझे पास के स्कूल में पोस्टिंग मिली है। परिवार के लिए यह बहुत राहत की बात है।”
आगे की योजना: और भी तबादलों की तैयारी
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभी कई आवेदनों पर कार्यवाही लंबित है। इन आवेदनों पर रिक्त पद, विषय, जरूरत और प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा, शिक्षकों की योग्यता, वरिष्ठता और विभागीय रिपोर्ट भी अंतिम निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
पारदर्शिता और तकनीक का बेहतर उपयोग
इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से अंजाम दिया गया है। शिक्षकों को आवेदन करने, अपनी प्राथमिकताएं देने और ट्रांसफर की जानकारी पाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करना पड़ा। इससे भ्रष्टाचार की संभावना कम हुई है और प्रक्रिया में विश्वास बढ़ा है।
निष्कर्ष: शिक्षकों के हित में साहसिक कदम
बिहार सरकार और शिक्षा विभाग की यह दूरी आधारित स्थानांतरण नीति शिक्षक समुदाय के लिए एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव है। इससे न केवल शिक्षकों को बेहतर कार्यस्थल मिल रहा है, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को भी नई दिशा मिल रही है।
शिक्षकों का समय पर तबादला, उनकी वरीयता और दूरी का ध्यान रखना एक स्वस्थ, सुदृढ़ और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की बुनियाद है। यह नीति अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।
हित रिपोर्ट भी प्राप्त कर सकते हैं।
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Author: AK
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