Vikramshila University Revival: A New Chapter in Bihar’s Education and Heritage
परिचय (Introduction)
बिहार के भागलपुर जिले में स्थित प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय भारत के गौरवशाली शिक्षा केंद्रों में से एक था। नालंदा विश्वविद्यालय के समकालीन इस विश्वविद्यालय को पाल वंश के राजा धर्मपाल ने 8वीं-9वीं शताब्दी में स्थापित किया था। अब, सरकार इसके पुनरुद्धार की दिशा में कार्य कर रही है।
ASI के प्रयास और सरकार की योजना (ASI’s Efforts and Government’s Plan)
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) विक्रमशिला विश्वविद्यालय के खंडहरों को संरक्षित करने और इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का कार्य कर रहा है। इसके अलावा, बिहार सरकार ने एंटीचक गांव में 202.14 एकड़ जमीन चिन्हित की है, जहां सेंट्रल यूनिवर्सिटी स्थापित करने की योजना है। केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
विक्रमशिला विश्वविद्यालय का ऐतिहासिक महत्व (Historical Significance of Vikramshila University)
- विक्रमशिला विश्वविद्यालय बौद्ध धर्म के अध्ययन और तांत्रिक विद्या के लिए प्रसिद्ध था।
- यहाँ 208 कमरों के साथ एक विशाल स्तूप मौजूद है, जहाँ भिक्षु अध्ययन और साधना करते थे।
- यह विश्वविद्यालय भारत के अलावा तिब्बत, चीन, और दक्षिण-पूर्व एशिया से आने वाले विद्यार्थियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र था।
- प्रसिद्ध विद्वान अतीश दीपांकर यहीं के छात्र थे, जिन्होंने तिब्बत में बौद्ध धर्म के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नालंदा और विक्रमशिला: ज्ञान का आदान-प्रदान (Nalanda and Vikramshila: Knowledge Exchange)
नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय समकालीन थे और दोनों के बीच छात्रों और शिक्षकों का आदान-प्रदान होता था।
- नालंदा विश्वविद्यालय विभिन्न शास्त्रों और दर्शन के लिए प्रसिद्ध था, जबकि विक्रमशिला तांत्रिक विद्या और गुप्त ज्ञान के लिए जाना जाता था।
- राजा धर्मपाल इन दोनों विश्वविद्यालयों के संरक्षक थे और इनका व्यापक प्रभाव भारत एवं एशिया के अन्य भागों तक था।
13वीं शताब्दी में पतन और वर्तमान पुनरुद्धार (Decline in 13th Century and Present Revival)
- 13वीं शताब्दी में, बख्तियार खिलजी के आक्रमण के कारण नालंदा और विक्रमशिला दोनों नष्ट हो गए।
- अब, बिहार सरकार और केंद्र सरकार इनके पुनर्निर्माण पर ध्यान दे रही है।
- एंटीचक में नई सेंट्रल यूनिवर्सिटी की स्थापना से भागलपुर क्षेत्र को एक नए शैक्षिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
ASI की खुदाई और संरक्षित अवशेष (ASI Excavation and Preserved Artifacts)
- ASI द्वारा की गई खुदाई में बुद्ध की मूर्तियाँ, बौद्ध धर्म से संबंधित अभिलेख, और प्राचीन शिक्षा प्रणाली से जुड़ी महत्वपूर्ण वस्तुएं मिली हैं।
- यहाँ के पुस्तकालय में शीतलन प्रणाली थी, जिससे पांडुलिपियों को सुरक्षित रखा जाता था।
- इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए एक संग्रहालय भी स्थापित किया गया है।
सरकार की प्रतिबद्धता और भविष्य की योजनाएँ (Government’s Commitment and Future Plans)
- बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस परियोजना के शीघ्र कार्यान्वयन का आश्वासन दिया है।
- NH-80 (जो भागलपुर को विक्रमशिला से जोड़ता है) का नवीनीकरण कार्य जारी है।
- विक्रमशिला को पुनः शैक्षणिक केंद्र और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए विभिन्न योजनाएं बनाई जा रही हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
विक्रमशिला विश्वविद्यालय का पुनरुद्धार न केवल भारत की प्राचीन शिक्षा प्रणाली को फिर से जीवंत करेगा, बल्कि यह बिहार को एक वैश्विक शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी सहायक होगा। यह पहल भारतीय विरासत के संरक्षण और उन्नति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विक्रमशिला विश्वविद्यालय पुनरुद्धार
भारत की प्राचीन शिक्षा प्रणाली
बिहार में पर्यटन स्थल
बौद्ध धर्म और विक्रमशिला
नालंदा और विक्रमशिला का इतिहास
विक्रमशिला विश्वविद्यालय की खुदाई
बिहार में ऐतिहासिक स्थल
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) परियोजनाएं
बिहार का शिक्षा इतिहास
तिब्बत और विक्रमशिला विश्वविद्यालय
Author: AK
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