नालंदा में गणेश चतुर्थी के दिन जेडीयू मंत्री श्रवण कुमार और विधायक कृष्ण मुरारी को ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से दौड़ाया, तनावपूर्ण हालात।
Bihar Minister and JDU MLA Chased by Villagers in Nalanda on Ganesh Chaturthi
प्रस्तावना
बिहार की राजनीति उस समय गरमा गई जब गणेश चतुर्थी के दिन नालंदा जिले में ग्रामीणों के आक्रोश का सामना राज्य के मंत्री और जेडीयू विधायक को करना पड़ा। घटना ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी, क्योंकि यह हमला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले में हुआ। ग्रामीणों का आरोप था कि सरकार और जनप्रतिनिधियों ने सड़क हादसे में मारे गए पीड़ित परिवारों को नज़रअंदाज किया। यही नाराजगी मंत्री और विधायक पर गुस्से के रूप में फूट पड़ी।
नालंदा की घटना: कैसे भड़की भीड़?
मंत्री और विधायक पहुंचे सांत्वना देने
बुधवार को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और हिलसा विधायक कृष्ण मुरारी उर्फ प्रेम मुखिया नालंदा के मलामा गांव पहुंचे थे। उनका उद्देश्य सड़क हादसे में मृतकों के परिजनों से मिलना और उन्हें सांत्वना देना था।
गुस्से में क्यों थे ग्रामीण?
ग्रामीणों का आरोप था:
- हादसे के पांच दिन बाद भी कोई बड़ा नेता हाल-चाल लेने नहीं आया।
- मुआवजे को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिला।
- विधायक पर आरोप कि उनके कहने पर ही हादसे के दिन सड़क जाम हटाया गया था।
इन कारणों से लोगों में गहरी नाराजगी थी।
बिहार क्रांति के राह पर है, जिसका परिणाम नवंबर में दिखेगा
— Anmol (@anmol_kaundilya) August 27, 2025
बिहार की जनता जग गई है, और हमें अच्छे से पता है कि बिहार को जगाने वाला महापुरुष कौन है।
बिहार के लोग केवल नेताओं से सवाल ही नहीं पूछ रहे बल्कि पूरा क्रांति के मूड में है, समय आ गया है कि बिहार के लोग अपना हक कॉलर पकड़… pic.twitter.com/uB2hvX7ZD9
जब भीड़ हुई अनियंत्रित
जान बचाकर भागे नेता
बैठक के बाद जैसे ही मंत्री और विधायक लौटने लगे, ग्रामीणों ने उन्हें रुकने को कहा। मंत्री ने कार्यक्रम का हवाला देकर मना किया, जिससे गुस्सा और बढ़ गया।
- भीड़ ने स्थानीय पत्रकार और विधायक को घेर लिया।
- लाठी-डंडे निकालकर दौड़ाया।
- मंत्री और विधायक को लगभग एक किलोमीटर पैदल भागना पड़ा।
- जान बचाने के लिए तीन गाड़ियां बदलनी पड़ीं।
हालात बेकाबू, पुलिस तैनात
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल फैल गया। प्रशासन ने तुरंत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर हालात पर काबू पाया।
पिछले दिनों के हमलों से जुड़ा सिलसिला
यह घटना बिहार में पिछले तीन दिनों में दूसरी बार है जब किसी मंत्री पर हमला हुआ हो।
- 23 अगस्त – पटना के फतुहा में सड़क हादसे में 9 लोगों की मौत।
- 25 अगस्त – पटना के अटल पथ पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे की गाड़ी पर पथराव।
- 28 अगस्त (गणेश चतुर्थी) – नालंदा में ग्रामीण विकास मंत्री और विधायक पर हमला।
इन घटनाओं से साफ है कि जनता का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है और नेताओं पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
नीतीश सरकार के लिए चुनौती
गृह जिले में हमला, बड़ा संकेत
नालंदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला है। वहां मंत्री और विधायक पर हमला होना राजनीतिक दृष्टि से बेहद गंभीर माना जा रहा है। यह घटना जनता और सरकार के बीच गहराते अविश्वास को दर्शाती है।
विपक्ष के लिए मुद्दा
विपक्ष पहले से ही नीतीश सरकार पर जनता से कटे होने का आरोप लगाता रहा है। यह घटना विपक्ष को बड़ा राजनीतिक हथियार दे सकती है।
ग्रामीणों की पीड़ा और आक्रोश
ग्रामीणों का कहना था कि हादसे में अपने परिवारजनों को खोने के बाद भी उन्हें उचित मुआवजा और सरकारी मदद नहीं मिली।
- मृतकों के परिजनों को तुरंत आर्थिक सहायता की मांग।
- सरकारी मशीनरी की देरी और असंवेदनशीलता पर नाराजगी।
- नेताओं की उपेक्षा से बढ़ा आक्रोश।
प्रशासन की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस ने हालात को नियंत्रण में कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि दोषियों की पहचान की जा रही है।
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Author: AK
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