बुध, फ़रवरी 4, 2026

मोदी सरनेम केस में सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को दी बड़ी राहत, कांग्रेस में जश्न

Big relief for Congress MP Rahul Gandhi as SC stays Conviction in ‘Modi-Thieves’ Defamation Case
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मोदी सरनेम केस में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए कांग्रेस के पूर्व सांसद राहुल गांधी को बड़ी राहत दी है। ‌ सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को रद करते हुए सजा पर रोक लगा दी है। अब राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल होगी।‌ सुप्रीम कोर्ट ने अपील लंबित रहने तक सजा पर रोक लगाई है। कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी को अधिकतम दो साल की सजा दी गई। निचली अदालत ने ये कारण नहीं दिए कि क्यों पूरे दो साल की सजा दी गई। हाईकोर्ट ने भी इस पर पूरी तरह विचार नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही ये भी कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी गुड टेस्ट में नहीं थी। पब्लिक लाइफ में इस पर सतर्क रहना चाहिए। शीर्ष अदालत का कहना है कि जब तक इस मामले में कोई फाइनल फैसला नहीं हो जाता तब तक सजा पर रोक लगी रहेगी।

Big relief for Congress MP Rahul Gandhi as SC stays Conviction in ‘Modi-Thieves’ Defamation Case

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गुजरात हाई कोर्ट के न्यायाधीश का आदेश पढ़ने में बहुत दिलचस्प है। उन्होंने इसमें बहुत उपदेश दिया है। वहीं सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि मैं बता दूं कि कई बार कारण न बताने पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा आलोचना की जाती है, इसीलिए हाई कोर्ट ने विस्तृत कारण बताता है। ऐसी टिप्पणियां थोड़ी हतोत्साहित करने वाली हो सकती हैं। वहीं जस्टिस गवई ने कहा- हम जानते हैं कि टिप्पणियां मनोबल गिराने वाली हो सकती हैं, इसीलिए हम उन्हें लिखने में वक्त लेते हैं, जब तक कि यह बहुत स्पष्ट न हो। वहीं राहुल गांधी के वकील अभिषेक मुन सिंघवी ने कहा कि एसजी केवल एक प्रोफार्मा पार्टी हैं। इस कोर्ट ने उन्हें समय दिया है। वहीं जेठमलानी ने कहा कि उनका (राहुल गांधी) तर्क है कि बदनाम करने का कोई इरादा नहीं था।

जस्टिस गवाई ने कहा- हम पूछ रहे हैं कि अधिकतम सजा लगाने का कारण क्या था। अगर उन्हें 1 वर्ष 11 माह का समय दिया होता तो कोई अयोग्यता नहीं होती। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कोर्ट के फैसले पर कहा कि सच्चाई की जीत हुई कोर्ट से हमें इंसाफ मिला। बीजेपी ने साजिश रची। सूरज को उदित होने से नहीं रोका जा सकता, फिर चाहे कितने ही बादल हों।

राहुल गांधी ने 11 अप्रैल 2019 में बेंगलुरु के कोलार में एक चुनावी सभा को संबोधित करने के दौरान मोदी सरनेम को लेकर एक बयान दिया था। इसके खिलाफ भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। सेशन कोर्ट में चार साल तक केस चला और फैसला इस साल 23 मार्च को आया था। मानहानि केस में राहुल को अधिकतम दो साल की सजा मिली। जिसके चलते उनकी सांसदी चली गई। सूरत की सेशन कोर्ट ने 23 मार्च को राहुल गांधी को आपराधिक मानहानि के मामले में दोषी करार दिया था। इसके साथ ही उन्हें दो साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद राहुल ने गुजरात हाई कोर्ट में याचिका लगाकर निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी।

Abhishek Kumar
Author: Abhishek Kumar

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