भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बिहार में बन रहा एनएच 139W फोर लेन, 6 जिलों को जोड़ेगा, यात्रा का समय घटेगा, व्यापार को मिलेगा बढ़ावा।
Bharatmala Project: Bihar’s New Four-Lane Highway Gift
बिहार को मिला नया विकास पथ: भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बन रहा NH-139W फोर लेन
बिहारवासियों के लिए एक और बड़ी सौगात आने वाली है। केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी भारतमाला प्रोजेक्ट के अंतर्गत एनएच 139 डब्ल्यू (NH-139W) फोर लेन का निर्माण तेज़ी से किया जा रहा है। यह हाईवे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि राज्य के 6 प्रमुख जिलों को जोड़ने वाला एक विकास पथ है, जो पटना से लेकर बेतिया तक की यात्रा को आसान और सुगम बनाएगा।
क्या है भारतमाला प्रोजेक्ट और NH-139W?
राष्ट्रीय राजमार्ग विकास की सबसे बड़ी योजना
भारतमाला परियोजना केंद्र सरकार की एक फ्लैगशिप योजना है, जिसके अंतर्गत देशभर में आधुनिक और चौड़ी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इसका मकसद यातायात में सुधार, सीमा और औद्योगिक क्षेत्रों से संपर्क, और देश के अंदरूनी हिस्सों को जोड़ना है।
इसी योजना के तहत बिहार में NH-139W फोर लेन का निर्माण हो रहा है, जिसकी कुल लंबाई 171.29 किलोमीटर है। यह फोर लेन वैशाली, मुजफ्फरपुर, सारण, पटना, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण को आपस में जोड़ेगा।
कितनी दूरी, कितनी लागत?
8660 करोड़ रुपये की लागत से बन रही है फोर लेन सड़क
एनएच 139 डब्ल्यू की कुल लंबाई 171.29 किलोमीटर है, और इसका निर्माण ₹8660.70 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। सड़क निर्माण को पांच चरणों में बांटा गया है और इसका सबसे बड़ा खंड वैशाली जिले में पड़ता है।
अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार:
- बाकरपुर से मानिकपुर: 38.814 किलोमीटर
- मानिकपुर से साहेबगंज: 44.650 किलोमीटर
- साहेबगंज से अरेराज: 38.362 किलोमीटर
- अरेराज से बेतिया: 40.580 किलोमीटर
- दीघा से बाकरपुर: 4.5 किलोमीटर (पुल निर्माण)
किन जिलों को होगा सीधा फायदा?
ये 6 जिले जुड़ेंगे आधुनिक सड़क नेटवर्क से
इस हाईवे के निर्माण से छह जिलों को सीधा फायदा मिलेगा:
- वैशाली
- मुजफ्फरपुर
- सारण
- पटना
- पूर्वी चंपारण
- पश्चिमी चंपारण
इन जिलों के निवासियों को राजधानी पटना से बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। खास बात यह है कि यह सड़क उत्तर प्रदेश से भी जुड़ाव बनाएगी, जिससे अंतरराज्यीय आवागमन सुगम होगा।
क्या होगा आम लोगों को फायदा?
यात्रा में कमी, समय और ईंधन की बचत
इस फोर लेन सड़क के बनने से बेतिया से पटना की दूरी लगभग 47 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। पहले जहां यह यात्रा 5 से 6 घंटे में पूरी होती थी, अब यह 2 से 3 घंटे में ही पूरी हो सकेगी। इससे सिर्फ समय की बचत नहीं, बल्कि ईंधन की भी बचत होगी और पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
ट्रैफिक जाम से राहत, जेपी सेतु पर भी असर
वैकल्पिक रास्ता मिलने से राजधानी का दबाव कम होगा
जेपी सेतु के आसपास अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे आम लोग बेहद परेशान होते हैं। NH-139W बनने से उत्तर बिहार के लोगों को एक नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा जिससे जेपी सेतु का लोड कम होगा और ट्रैफिक जाम में राहत मिलेगी।
व्यापार और उद्योग को भी मिलेगा बड़ा फायदा
नई सड़क से खुलेगा नए विकास का रास्ता
सिर्फ यातायात ही नहीं, यह सड़क औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी वरदान साबित होगी। मालवाहक गाड़ियों को तेज़ और सीधा मार्ग मिलेगा, जिससे परिवहन लागत घटेगी और समय पर डिलीवरी संभव होगी। इससे स्थानीय व्यापारियों और किसानों को भी लाभ पहुंचेगा।
निर्माण की प्रगति क्या है?
वैशाली जिले में 75% काम पूरा
सरकारी सूत्रों के अनुसार वैशाली जिले में 75% तक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अन्य खंडों में भी कार्य तेजी से चल रहा है। एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहा है। योजना के मुताबिक, 2025 के अंत तक यह फोर लेन पूरी तरह चालू हो सकती है।
स्थानीय लोगों की राय क्या है?
“हर बार पटना जाने में पूरा दिन चला जाता था, लेकिन अब सड़क बनने से राहत मिलेगी।”
– शिवशंकर राय, बेतिया निवासी
“सड़क बनने से खेती के माल को शहर तक ले जाना आसान हो जाएगा। इससे आमदनी बढ़ेगी।”
– राजेश ठाकुर, किसान, अरेराज
यह सड़क क्यों है बिहार के लिए मील का पत्थर?
- उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ेगा एक नया वैकल्पिक मार्ग
- सीमांचल और यूपी से पटना की यात्रा होगी आसान
- आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
- ट्रैफिक का दबाव होगा कम
- लोगों को समय, पैसा और ऊर्जा तीनों की बचत
निष्कर्ष: भारतमाला प्रोजेक्ट से बदल रही है बिहार की तस्वीर
एनएच 139 डब्ल्यू फोर लेन सड़क केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि बिहार के विकास की रफ्तार है। यह सड़क न सिर्फ भौगोलिक दूरी कम करेगी, बल्कि दिलों की दूरी भी घटाएगी। यातायात, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य – हर क्षेत्र में इसका असर दिखेगा।
अगर योजना के मुताबिक समय पर कार्य पूरा हुआ, तो यह फोर लेन सड़क आने वाले वर्षों में बिहार के विकास का प्रमुख आधार बन सकती है। भारतमाला प्रोजेक्ट बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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Author: AK
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