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आज की तारीख गुजरात के जूनागढ़ रियासत के स्वतंत्र होने के लिए जानी जाती है। 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिल गई थी लेकिन जूनागढ़ के लोग कंफ्यूजन में थे। क्योंकि जूनागढ़ के नवाब महाबत खान ने पाकिस्तान जाने का ऐलान कर दिया था। जूनागढ़ के दीवान शाहनवाज भुट्टो की इसमें मुख्य भूमिका रही थी। तब 23 सितंबर, 1947 को आरझी हुकूमत बनाने का फैसला हुआ और 25 सितंबर को घोषणापत्र भी बना था। 8 नवंबर को भुट्टो ने दरख्वास्त दी कि आरझी हुकूमत नहीं, बल्कि भारत सरकार जूनागढ़ का कब्जा ले ले। इसी आधार पर 9 नवंबर, 1947 को भारत ने जूनागढ़ को नियंत्रण में लिया। इसके बाद जूनागढ़ का स्वतंत्रता दिवस 9 नवंबर को मनाया जाता है। सरदार पटेल की नाराजगी के बावजूद जूनागढ़ में 20 फरवरी, 1948 को जनमत संग्रह कराया गया। 2,01,457 रजिस्टर्ड वोटर्स में से 1,90,870 लोगों ने वोट दिया। इसमें पाकिस्तान के लिए सिर्फ 91 मत मिले थे। बता दें कि जूनागढ़ उस समय हैदराबाद के बाद दूसरे नंबर का सबसे धनवान राज्य था। नवाब अपनी संपत्ति जूनागढ़ में छोड़कर पाकिस्तान चले आए थे। यहां तक कि उन्होंने जूनागढ़ की संपत्ति के बदले में पाकिस्तान में संपत्ति भी नहीं मांगी, तब भी पाकिस्तान में उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया।
Author: AK
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