
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच जंग पूरे चरम पर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर से चुनाव लड़ने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निशाना साधा था। अखिलेश ने कहा था कि भाजपा हाईकमान ने योगी को पहले ही उनके घर गोरखपुर भेज दिया है। सोमवार को एक बार फिर अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए राजनीति में एक नया ट्रेंड शुरू किया। अखिलेश यादव ने लखनऊ में अपने पार्टी के कार्यकर्ता और किसानों के साथ अन्न संकल्प लिया। इस दौरान अखिलेश यादव ने कुछ किसान साथियों के साथ मुट्ठी में गेहूं और चावल लेकर इस विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को हराने का संकल्प लिया। इस संकल्प के बाद अखिलेश ने कहा कि सभी फसलों के लिए एमएसपी, सिंचाई के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली, किसानों को पेंशन और बीमा सुविधा प्रदान करने की घोषणा पार्टी के मेनीफेस्टों में की जाएगी। इसके अलावा गन्ना किसानों के बकाए की पाई पाई का भुगतान सरकार में आने के 15 दिनों के भीतर किया जाएगा, इसके लिए फार्मर रिवाल्विंग फंड बनाया जाएगा। अखिलेश के इस बयान पर यूपी की राजनीति में सियासत गर्मा गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के इस संकल्प के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने अखिलेश पर निशाना साधा। स्वतंत्र देव सिंह ने अपने स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि ‘हाथ में ‘गन’ लेकर घूमने वाले आज हाथ में ‘अन्न’ लेकर किसान हितैषी बनने का ढोंग कर रहे है, इनके सपा शासन में हमारे किसान भाई रात को अपने खेत पर जाने से भी घबराते थे। वहीं दूसरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानसभा चुनाव के टिकट बंटवारे को लेकर एक बार फिर दिल्ली में आयोजित भाजपा हाईकमान की बैठक में शामिल हुए।
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












