
देश के पूर्वी, पश्चिमी और पूर्वोत्तर इलाकों में मानसून सक्रिय है। गुजरात में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। राज्य के कई जिले पानी में डूबे हुए हैं। बीते कई दिनों से राज्य में लगातार बारिश हो रही है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया। हालात इतने बिगड़ गए कि मोर्चा संभालने के लिए सेना तक को उतारना पड़ा है। मौसम विभाग ने 30 अगस्त तक बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सबसे ज्यादा बारिश कच्छ, जामनगर, देवभूमि द्वारका, राजकोट में दर्ज की गई है। जामनगर के जामजोधपुर, कालावड, लालपुर तहसीलों मे 8 इंच तक बारिश हुई है। गुजरात में भारी बारिश से तीन दिन में 28 लोगों की मौत हो चुकी है।18 हजार लोगों का रेस्क्यू किया गया है। अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जो चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इस तूफान का नाम आसना होगा, जो आज गुजरात के कच्छ और पाकिस्तान के तट से टकरा सकता है। उधर, बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन रहा है। यह 2 दिन में ओडिशा और आंध्र प्रदेश से टकराएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बातकर स्थिति का जायजा लिया और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।


वहीं मौसम विभाग के मुताबिक आज बिहार में 15 जिलों में तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। किसानों को खुले में जाने से बचने के लिए कहा गया है। तेज बारिश से कई जगह नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। पटना सहित सभी जिलों में 48 घंटों के दौरान तेज हवा का प्रवाह बने होने के साथ अधिकांश भागों में हल्की तो कहीं छिटपुट वर्षा की संभावना है। उत्तरी भागों के कुछ स्थानों पर गरज-तड़क के साथ हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं। जिन जिलों में बारिश के आसार हैं, वे हैं पटना, बेगूसराय, दरभंगा, कटिहार, पूर्णिया, समस्तीपुर, मधुबनी, भागलपुर, मुजफ्फरपुर किशनगंज, खगड़िया, आरा, बक्सर, पूर्वी चंपराण, पश्चिमी चंपारण। बीते 24 घंटों के दौरान पटना के आसपास व दक्षिणी भागों के अलग-अलग स्थानों पर वर्षा दर्ज की गई। राजधानी में 8.6 मिमी जबकि गया के मानपुर में सर्वाधिक वर्षा 46.2 मिमी सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई। वहीं दिल्ली-एनसीआर में आज भी बारिश के आसार हैं। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दिनभर आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की वर्षा हो सकती है। गुरुवार को दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई थी। बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से तो राहत दी थी लेकिन जलभराव होने से लोगों को काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ा था।
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Author: AK
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