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केंद्र की मोदी सरकार से लेकर भाजपा शासित राज्य सरकारों ने देश में समान नागरिक संहिता लागू (यूनिफॉर्म सिविल कोड) लागू करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ भाजपा नेता यूनियन सिविल कोर्ट के मुद्दे को जोर-शोर से भी उठा रहे हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य में नागरिक संहिता लागू करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। अब भाजपा सरकार के इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने भी अपना समर्थन दिया है।
#WATCH | We support Uniform Civil Code (UCC) in principle as Article 44 also says that there should be UCC in the country. Therefore, there should be a wide consultation with all religions, political parties and organizations and a consensus should be built: AAP leader Sandeep… pic.twitter.com/kiZoOpcgcS
— ANI (@ANI) June 28, 2023
आम आदमी पार्टी ने कहा है कि वह यूसीसी का सैद्धांतिक तौर पर समर्थन करती है। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि इस कानून को, आपसी सहमति और गहन विचार-विमर्श के बाद लाना चाहिए। आप नेता संदीप पाठक ने इसे लेकर समर्थन जताया है और साथ ही यह भी सलाह दी है कि सभी धर्मों, संप्रदायों और राजनीतिक दलों के साथ बड़े स्तर पर बैठक कर सहमति बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक रूप से हम यूनिफॉर्म सिविल कोड के समर्थन में हैं। आर्टिकल 44 भी इसका समर्थन करता है कि देश में यूसीसी लागू होना चाहिए।
#WATCH | PM Narendra Modi speaks on the Uniform Civil Code (UCC)
— ANI (@ANI) June 27, 2023
"Today people are being instigated in the name of UCC. How can the country run on two (laws)? The Constitution also talks of equal rights…Supreme Court has also asked to implement UCC. These (Opposition) people… pic.twitter.com/UwOxuSyGvD
बता दें कि 1 दिन पहले मंगलवार को पीएम मोदी ने भोपाल की रैली में साफ शब्दों में कह दिया है कि देश को दो कानून से नहीं चलाया जा सकता है। इसे लागू करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दबाव उन पर है, लेकिन विपक्ष भ्रम फैला रहा है। प्रधानमंत्री के यूसीसी पर दिए गए बयान के बाद देशभर की सियासत गरमा गई है। पीएम मोदी का यूसीसी पर बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दल एकजुट होकर 2024 के आम चुनाव में बीजेपी के खिलाफ उतरने की कवायद कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस समान नागरिक संहिता पर केंद्र के विरोध में है।
#WATCH | Shiromani Akali Dal leader Daljit Singh Cheema speaks on UCC, he says "SAD is of the firm view that implementation of UCC is not in the interests of the minorities in the country. The 21st Law Commission has already opined in its consultation report that UCC is neither… pic.twitter.com/6Nfz1DGyzL
— ANI (@ANI) June 29, 2023
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम से लेकर केसी वेणुगोपाल तक ने आम लोगों से जुड़े मुद्दे से ध्यान भटकाने और ध्रुवीकरण करने वाला बताया है। चिदंबरम ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते अपराधों के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए पीएम मोदी ने समान नागरिक संहिता की वकालत कर रहे हैं। साथ ही कहा कि बीजेपी ध्रुवीकरण के लिए यूसीसी का इस्तेमाल कर रही है। चिदंबरम ने कहा कि यूसीसी को थोपा नहीं जा सकता है और अगर थोपा जाएगा तो समाज में विभाजन और भी बढ़ेगा।
#WATCH | "…People don't know exactly what will happen if UCC (Uniform Civil Code) is implemented, they're just assuming things because govt has not clearly said what it is…govt must properly explain what is UCC exactly…then people can give proper feedback on this…":… pic.twitter.com/466YVxBuIe
— ANI (@ANI) June 28, 2023
चिदंबरम के सुर में सुर मिलाते हुए कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी के लोगों को ध्यान भटकने के लिए इस तरह से मुद्दों को उठा रहे हैं। यूसीसी के मुद्दे पर आरजेडी नेता व राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने कहा कि समान नागरिक संहिता को जो लोग मुसलमानों के नजरिए से देख रहे हैं, वो इस कोड को समझ नहीं पा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी को समझना चाहिए कि वो फैसला कुछ भी कर लें, लेकिन देश उसे स्वीकार नहीं करेगा। बिहार में आरजेडी की सहयोगी जेडीयू भी यूसीसी के विरोध में खड़ी है। जेडीयू के नेता विजय चौधरी ने कहा कि पीएम मोदी के द्वारा गठित विधि आयोग ने जो रिपोर्ट दी है, उसमें यूसीसी को सही नहीं माना गया है।
PM @Narendramodi के बयान, Uniform Civil Code सहित अन्य मुद्दों को लेकर बैरिस्टर @asadowaisi की प्रेस कॉन्फ्रेंस #ucc #UniformCivilCode #modi #Bhopal #Pressconference #owaisi pic.twitter.com/i3Mc1ZMr9r
— AIMIM (@aimim_national) June 27, 2023
वहीं, असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री भारत की विविधता को समस्या मानते हैं। इसीलिए इस तरह की वो बातें कर रहे हैं। यूसीसी के नाम पर देश की विविधता को छीन लेंगे। वहीं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने फिलहाल इस मामले में चुप्पी साध रखी है। उद्धव ठाकरे जानते हैं कि अगर वह खुलकर समान नागरिक संहिता का विरोध करेंगे तो उनसे हिंदू वोट छिटक सकता है।
#WATCH | National Conference (NC) chief Farooq Abdullah speaks on Uniform Civil Code (UCC)
— ANI (@ANI) June 29, 2023
"They (Central govt) should think that the country is diverse, people of all religions live here, and Muslims have their own Shariat law. They should think about any possible storm that… pic.twitter.com/UZzNRtKuAw
बता दें कि समान नागरिक संहिता लंबे समय से भाजपा के तीन प्रमुख चुनावी मुद्दों में से एक रही है, जिसमें दूसरा जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त करना और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण है। विधि आयोग ने 14 जून को यूसीसी पर नए सिरे से विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू की थी। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मुद्दे पर सार्वजनिक और मान्यता प्राप्त धार्मिक संगठनों सहित हितधारकों से राय मांगी थी। बता दें कि विधि आयोग ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर 30 जून तक देश की जनता और तमाम धार्मिक संगठनों से उनके विचार मांगे हैं।
He (PM Modi) said that Uniform Civil Code (UCC) will be implemented and said that there should not be two laws in our country. He is looking to escalate religious conflicts and confuse people to win (elections). I am sure, people will teach a lesson to BJP in the upcoming Lok… pic.twitter.com/J7XyKx0Vpw
— ANI (@ANI) June 29, 2023
Author: AK
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