सोम, अप्रैल 6, 2026

बेंगलुरु रामेश्वरम कैफे विस्फोट का मास्टरमाइंड पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार

2 chief suspects in the Rameshwaram Cafe blast case detained by NIA in West Bengal
2 chief suspects in the Rameshwaram Cafe blast case detained by NIA in West Bengal
2 chief suspects in the Rameshwaram Cafe blast case detained by NIA in West Bengal

1 मार्च को बंगलुरू के रामेश्वरम कैफे में हुए विस्फोट मामले में एजेंसी को बड़ी सफलता हाथ लगी। एजेंसी ने साजिश के मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एनआईए के मुताबिक, मुसाविर हुसैन शाजिब और अदबुल मथीन अहमद ताहा को कोलकाता के पास से गिरफ्तार किया गया है। दोनों यहां अपना ठिकाना बनाकर छिपे हुए थे। ठिकाने का पता लगाकर एनआईए की टीम ने उन्हें पकड़ लिया।

दोनों आरोपियों की क्या थी भूमिका?

मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि शाजिब ही वह व्यक्ति है, जिसने कैफे में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) रखा था। इसके अलावा विस्फोट की योजना बनाने और उसे अंजाम देने का मास्टरमाइंड था।

झूठी पहचान के तहत छिपे थे दोनो अपराधी

जानकारी के अनुसार 12 अप्रैल की सुबह फरार आरोपियों अब्दुल मथीन ताहा और मुसाविर हुसैन शाजेब को कोलकाता के पास देखा गया था। यहां वे झूठी पहचान के तहत छिपे हुए थे। एनआईए को केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के अलावा पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल पुलिस का पूरा साथ मिला। राज्य पुलिस एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल से आरोपियों को पकड़ा जा सका।

10-10 लाख रुपये इनपर रखा गया था इनाम

एनआईए ने पिछले महीने इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 10-10 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। इससे पहले एक मार्च को बंगलूरू के ब्रुकफील्ड के आईटीपीएल रोड पर स्थित कैफे में एक आईईडी विस्फोट हुआ था। एनआईए ने तीन मार्च को जांच अपने हाथ में ली थी।

नवरात्रि में फिर से खोला रामेश्वरम कैफे

बीते महीने 1 मार्च को बेंगलुरु के प्रसिद्ध कैफे रामेश्वरम कैफे में हुए ब्लास्ट के बाद उसे एक बार फिर से इस बार नवरात्रि के दौरान खोल दिया गया। ब्लास्ट के दौरान 9 लोग कैफे में घायल हुए थे। कैफे को एक बार फिर से काफी धूमधाम से खोला गया है। इस बार सुरक्षा के लिहाज से कैफे के प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाया गया है। यहां किसी भी अतिरिक्त तरह की गतिविधि होने पर नजर रखा जाएगा।

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Author: AK

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