मुंबई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम को पार्टी हाईकमान ने बुधवार रात तत्काल प्रभाव से 6 साल के लिए निलंबित कर दिया है। संजय निरुपम पर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी बयान देने पर कार्रवाई हुई है। पिछले काफी समय से कांग्रेस नेता निरुपम आक्रामक अंदाज में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी बयानों की शिकायतों के बाद उन्हें 6 सालों के लिए निष्कासित करने की मंजूरी दे दी है। कांग्रेस के एक्शन के बाद संजय निरुपम का बयान सामने आया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मेरे लिए ज्यादा ऊर्जा और स्टेशनरी नष्ट न करे, बल्कि अपनी बची-खुची ऊर्जा और स्टेशनरी का इस्तेमाल पार्टी को बचाने के लिए करे। संजय ने कहा कि वैसे भी पार्टी भीषण आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है। मैंने जो एक हफ्ते की अवधि दी थी, वह आज पूरी हो गई है। गुरुवार को मैं खुद फैसला ले लूंगा।

आज संजय निरुपम करेंगे बड़ा एलान। वह सुबह साढ़े 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। ककास लगाया जा रहे हैं कि संजय निरुपम आज नई सियासी पारी शुरू कर सकते हैं। हालांकि वह किस पार्टी में जाएंगे अभी तय नहीं है, अब कुछ देर बाद ही तस्वीर साफ हो जाएगी। वहीं बुधवार को महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि हमने संजय निरुपम को स्टार प्रचारकों की सूची से हटा दिया है। नाना पटोले ने कहा कि उनका नाम स्टार प्रचारकों में था, जिसे रद कर दिया गया है।
आइए जानते हैं संजय निरुपम की नाराजगी की वजह। महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिवसेना उद्धव और एनसीपी शरद पवार एमवीए गठबंधन में है। 27 मार्च को शिवसेना उद्धव गुट ने बुधवार को 17 कैंडिडेट्स का एलान किया था। मुंबई नॉर्थ-वेस्ट सीट से अमोल कीर्तिकर को टिकट दिया है। यहां से संजय निरुपम चुनाव लड़ने की तैयारी में थे। कांग्रेस की ओर से टिकट नहीं मिलने से वे नाराज हो गए। उन्हें खुद राहुल गांधी ने यहां से टिकट का भरोसा दिया था। संजय ने अमोल पर आरोप लगाते हुए कहा था- कांग्रेस को नीचा दिखाने के लिए जानबूझकर ऐसी हरकत की जा रही है। उद्धव ठाकरे ने जिस उम्मीदवार को टिकट दिया है वह खिचड़ी स्कैम का घोटालेबाज है। कोविड के समय बीएमसी ने प्रवासी मजदूरों को मुफ्त में यह खिचड़ी उपलब्ध कराई थी। वर्तमान में उत्तर-पश्चिम सीट से अमोल के पिता गजानन कीर्तिकर सांसद हैं। वे सीएम एकनाथ शिंदे के गुट में हैं। 2019 में उन्होंने संजय निरुपम को 2.60 लाख से अधिक वोटों से हराया था। बता दें कि निरुपम एक समय शिवसेना में भी रह चुके हैं। उन्होंने 2005 में शिवसेना छोड़ दी थी। उन्होंने उत्तर भारतीय फेरीवालों का मुद्दा उठाया और बाद में कांग्रेस में शामिल हुए। 2009 में, उन्होंने मुंबई उत्तर सीट से चुनाव में जीत हासिल की। निरुपम 2014 में मुंबई उत्तर सीट भाजपा के गोपाल शेट्टी से हार गए थे। समझा जाता है कि निरुपम मुंबई उत्तर-पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं, लेकिन शिवसेना (उद्धव) ने अपना उम्मीदवार उतारकर उनके इरादों पर पानी फेर दिया। बता दें कि संजय निरुपम मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं।
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Author: AK
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