
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज लोकसभा चुनाव प्रचार का शंखनाद करने जा रहे हैं। राहुल गांधी केरल के वायनाड से बुधवार दोपहर अपना चुनावी अभियान शुरू करेंगे। सबसे पहले राहुल गांधी कलपेट्टा में रोड शो निकालेंगे। रोड शो के बाद दोपहर 12 बजे राहुल गांधी लोकसभा चुनाव के लिए अपना नॉमिनेशन भी फाइल करेंगे । इस मौके पर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल, केरल के विपक्ष के नेता वीडी सतीसन, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के कार्यकारी अध्यक्ष एमएम हसन और पार्टी के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला समेत राज्य के अन्य नेता भी साथ रहेंगे। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी वायनाड से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं।
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने अपनी परंपरागत सीट यूपी की अमेठी लोकसभा और वायनाड से चुनाव लड़ा था। लेकिन उन्हें अमेठी में हार का सामना करना पड़ा था। यहां बीजेपी की स्मृति ईरानी ने उन्हें शिकस्त दी थी। हालांकि राहुल ने वायनाड में जीत हासिल की थी। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए पार्टी की जारी 39 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट में राहुल का नाम था। वे वायनाड से उम्मीदवार हैं। लेकिन अमेठी से अभी तक प्रत्याशी के नाम का एलान नहीं हो पाया है। ऐसे में संभावना बहुत कम है कि राहुल गांधी अमेठी से चुनाव लड़ेंगे। सबसे खास बात है कि राजनीति में उनकी सबसे कट्टर प्रतिद्वंद्वी और अमेठी से भाजपा सांसद स्मृति ईरानी भी एक दिन बाद वायनाड पहुंचेंगी। भाजपा हाईकमान ने राहुल गांधी को वायनाड से घेरने के लिए स्मृति ईरानी को लगाया गया है। ईरानी गुरुवार को बीजेपी उम्मीदवार के समर्थन में रोड शो करेंगी। स्मृति ईरानी एयरपर्ट से 2.8 किलो मीटर तक लंबा रोड शो करेंगी। बीजेपी के प्रत्याशी के साथ मिलकर राहुल के खिलाफ उनका रोड शो होगा।
वायनाड से बीजेपी प्रत्याशी कल 11 बजे नॉमिनेशन फाइल करेंगे। उसके बाद स्मृति ईरानी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। इस बार के चुनाव में बीजेपी ने वायनाड से पार्टी के राज्य प्रमुख के सुरेंद्रन को टिकट दिया है। सुरेंद्रन 2020 से केरल बीजेपी इकाई के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। वह वर्षों पहले सबरीमाला में युवा महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ भगवा पार्टी के उग्र आंदोलन का चेहरा हैं। कोझिकोड जिले के उल्लेयेरी के रहने वाले सुरेंद्रन ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत भारतीय जनता युवा मोर्चा के वायनाड जिला अध्यक्ष के रूप में की थी। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में पथानामथिट्टा से चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे। सुरेंद्रन को उसी वर्ष विधानसभा उपचुनाव में कोन्नी से मैदान में उतारा गया था, लेकिन वह हार गए। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव की वोटिंग के दूसरे फेज में वायनाड में 26 अप्रैल को वोटिंग होगी। इस तारीख को 13 राज्यों की कुल 89 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। वायनाड लोकसभा सीट के सियासी समीकरण देखें तो यहां 49 फीसदी वोटर्स हिंदू और 51 फीसदी आबादी अल्पसंख्यक समुदाय की है। अल्पसंख्यक वोटर्स में करीब 30 फीसदी मुस्लिम और 21 फीसदी इसाई शामिल हैं। वायनाड संसदीय सीट के तहत सात विधानसभा सीटें आती हैं, जिसमें एरनाड, मनंतावडी, सुल्तानबथेरी, कलपत्ता, तिरुवंबडी, निलंबूर और वानदूर है। कांग्रेस की यह परंपरागत सीट मानी जाती है।
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Author: AK
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