सोम, अप्रैल 6, 2026

सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी को लेकर एसबीआई को लगाई फटकार, कहा कल हीं सार्वजनिक करें सभी जानकारी

Supreme Court Dismisses SBI's Plea For Extension Of Time For Furnishing Electoral Bonds Details; Directs Disclosure By March 12
Supreme Court Dismisses SBI's Plea For Extension Of Time For Furnishing Electoral Bonds Details; Directs Disclosure By March 12
Supreme Court Dismisses SBI’s Plea For Extension Of Time For Furnishing Electoral Bonds Details; Directs Disclosure By March 12

इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई को राहत देने से इनकार कर दिया है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कहा है कि एसबीआई कल तक ही जानकारी दे और 15 मार्च तक चुनाव आयोग उस जानकारी को सार्वजनिक करे।

Supreme Court Dismisses SBI’s Plea For Extension Of Time For Furnishing Electoral Bonds Details; Directs Disclosure By March 12

बता दें कि एसबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी देने के समय सीमा 30 जून तक बढ़ाने की मांग की थी। एसबीआई की तरफ से सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे पेश हुए। साल्वे ने कोर्ट को बताया कि सर्वोच्च अदालत के आदेश के बाद एसबीआई ने नए इलेक्टोरल बॉन्ड्स जारी करने पर रोक लगा दी है, लेकिन समस्या ये है कि जो इलेक्टोरल बॉन्ड जारी हुए हैं उस पूरी प्रक्रिया को पलटना होगा और इसमें समय लगेगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई की दलील मानने से इनकार कर दिया और कल तक ही जानकारी देने का आदेश दिया।

सुप्रीम कोर्ट में एसबीआई को लगाई फटकार

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि ‘आप यानी की एसबीआई कह रहे हैं कि दानदाताओं और राजनीतिक पार्टियों की जानकारी सील कवर के साथ एसबीआई की मुंबई स्थित मुख्य शाखा में है। मैचिंग प्रक्रिया में समय लगेगा, लेकिन हमने आपको मैचिंग करने के लिए कहा ही नहीं था और हमने सिर्फ स्पष्ट डिस्कलोजर मांगा था। मामले पर सुनवाई कर रही संविधान पीठ के सदस्य जस्टिस खन्ना ने एसबीआई के वकील हरीश साल्वे से कहा कि ‘आपने बताया कि इलेक्टोरल बॉन्ड की पूरी जानकारी एक सील कवर लिफाफे में रखी गई है तो ऐसे में आपको सिर्फ सील कवर खोलकर जानकारी देनी है।’ सीजेआई ने एसबीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि ‘हमने 15 फरवरी को आदेश दिया था और आज 11 मार्च है। ऐसे में बीते 26 दिनों में आपने क्या किया? यह बताया जाना चाहिए कि यह काम हुआ है और अब हमें और समय चाहिए…हम एसबीआई से स्पष्टवादिता की उम्मीद करते हैं।’ इस पर एसबीआई के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि अगर आप मैचिंग नहीं चाहते हैं तो हम तीन हफ्ते में पूरी जानकारी दे सकते हैं। हालांकि कोर्ट ने एसबीआई की दलील मानने से इनकार कर दिया और एसबीआई को कल यानी कि 12 मार्च तक जानकारी देने का आदेश दिया।

एसबीआई और एडीआर की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने की सुनवाई

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें एसबीआई बैंक ने इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारी साझा करने की समय सीमा 30 जून तक बढ़ाने की मांग की थी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट आज ही एनजीओ एडीआर की याचिका पर भी सुनवाई करेगा, जिसमें एसबीआई के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई है। एडीआर की याचिका में आरोप लगाया गया है कि एसबीआई ने जानबूझकर सर्वोच्च अदालत के आदेश का उल्लंघन किया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि एसबीआई 6 मार्च तक इलेक्टोरल बॉन्ड्स की जानकारी चुनाव आयोग को दे और चुनाव आयोग 13 मार्च तक उस जानकारी को सार्वजनिक करे। इस सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। पीठ में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के अलावा जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई, , जस्टिस जेबी पारदीवाला, जस्टिस मनोज मिश्रा शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना पर लगाई थी रोक

बताते चलें की बीते 15 फरवरी को पांच जजों की संविधान पीठ ने केंद्र की इलेक्टोरल बॉन्ड्स योजना को असंवैधानिक बताते हुए इस पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना के एकमात्र फाइनेंशियल संस्थान एसबीआई बैंक को 12 अप्रैल 2019 से अब तक हुई इलेक्टोरल बॉन्ड की खरीद की पूरी जानकारी 6 मार्च तक देने का आदेश दिया था। लेकिन एसबीआई की ओर से कोई भी जानकारी नहीं दी गई थी।

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Author: AK

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