सोम, अप्रैल 6, 2026

पेपर लीक और नकल के खिलाफ केंद्र का बड़ा फैसला, सार्वजनिक परीक्षा बिल पारित, सजा के साथ जुर्माना भी लगेगा

Lok Sabha passes Public Examination Bill to check paper leaks, use of unfair means in govt recruitment exams

पेपर लीक और नकल माफियाओं के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा विधेयक 2024 (Public Examination Bill 2024) पास हो गया है। अब इसे राज्यसभा में भेजा जाएगा। इसके तहत सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक कराने और नकल करने वालों को 3 साल से 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए तक जुर्माना होगा। विद्यार्थी एवं अभ्यर्थी इसके दायरे में नहीं आएंगे और न ही किसी का उत्पीड़न होगा। उन्होंने इसे बेटे-बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी और राजनीति से ऊपर बताया। इस कानून के तहत उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी, जो परीक्षा की पारदर्शी प्रणाली के साथ छेड़छाड़ करेंगे। यह बिल कानून बनता है तो पुलिस को बिना किसी वारंट के संदिग्धों को गिरफ्तार करने का अधिकार होगा। आरोपी को जमानत नहीं मिलेगी और इन अपराधों को समझौते से नहीं सुलझाया जा सकेगा।

Lok Sabha passes Public Examination Bill to check paper leaks, use of unfair means in govt recruitment exams
Lok Sabha passes Public Examination Bill to check paper leaks, use of unfair means in govt recruitment exams

हालांकि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले उन बच्चों को टारगेट नहीं किया जाएगा, जो जानबूझकर इसमें शामिल नहीं होते हैं। केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने लोकसभा में बिल पेश करते हुए कहा- पब्लिक एग्जामिनेशन बिल में क्वेश्चन और आंसर सीट के लीक होने, डायरेक्ट या इनडायरेक्ट तरीके से कैंडिडेट का सहयोग करने जैसे अपराध शामिल किए गए हैं।

बता दें कि देश में पेपर लीक कितनी बड़ी समस्या है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले सात साल में लगभग 70 पेपर लीक (Paper Leak) हो चुके हैं। जिसका असर डेढ़ करोड़ छात्रों पर पड़ा. अकेले राजस्थान में 2011 से 2022 तक 26 पेपर लीक हुए। जब राज्य में गहलोत सरकार थी तो 14 पेपर कैंसिल किए गए। साल 2019 के बाद से हर साल तीन पेपर लीक हुए। वहीं उत्तर प्रदेश की अगर बात की जाए तो साल 2017 से 2022 तक 8 पेपर लीक हुए। इतना ही नहीं ऑनलाइन रिक्रूटमेंट, U P TET, PET जैसे भी पेपर लीक हुए। गुजरात में 14, पश्चिम बंगाल में 10, बिहार में 6 बार पेपर लीक हुए। सामूहिक तौर पर नकल करवाना गैर जमानती अपराध होगा। अगर कोई नकल करता पकड़ा गया तो 3 साल सजा, 10 लाख जुर्माना। पर्चा लीक में संगठित गिरोह शामिल तो फिर 1 करोड़ जुर्माना और 10 साल तक कैद की सजा। एक नई जांच समिति बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। ये समिति एग्जाम प्रोसेस को और सुरक्षित बनाने के सुझाव देगी।

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Author: AK

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