लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर भारत में कोरोना वायरस डरा रहा है। भारत में फिलहाल कोविड संक्रमण के 2300 से ज्यादा एक्टिव मामले हैं। इसमें नए सब वैरिएंट JN.1 के 21 मामले हैं। वहीं कोविड के नया JN.1 वेरिएंट अब 40 देशों में फैल चुका है। इस नए सब वैरिएंट की खास बात यह है कि यह वैरिएंट दूसरे स्ट्रेन की तुलना में ज्यादा तेजी से फैलता है। कोविड-19 सब-वैरिएंट JN.1 के अब तक गोवा, केरल और महाराष्ट्र में मामले पाए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सब-वैरिएंट JN.1 को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्कता बरतने को कहा है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को देशभर में स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने कोरोना वायरस के उभरते सब-वैरिएंट को लेकर सतर्क रहने पर जोर दिया।

देश भर में कोविड मामलों में बढ़ोतरी के बीच, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने बुधवार को कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सतर्कता जरूरी है। कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए गोवा, केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तराखंड की सरकारों ने एडवाइजरी जारी की है। वहीं केंद्र सरकार ने राज्यों की दी एडवाइजरी में कहा है कि सभी जिले कोविड टेस्ट करें। पॉजिटिव सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लैब भेजें। मॉक ड्रिल करके समय-समय पर तैयारियों का जायजा लें। जारी की गई एडवाइजरी में 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों, किडनी, हृदय, लिवर जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली मांओं को बाहर जाने पर अनिवार्य रूप से मास्क पहनने की सलाह दी गई है। केंद्र के निर्देशों के अनुसार, अभी ज्यादा घबराने या तुरंत प्रतिबंध लगाकर सीमा पर (केरल, तमिलनाडु राज्यों) निगरानी बढ़ाने की जरूरत नहीं है। हालांकि, केरल और तमिलनाडु से लगे सभी सीमावर्ती जिलों को सतर्कता बरतनी चाहिए। क्रिसमस और नए साल के जश्न के दौरान लोगों को खास तौर पर ऐहतियात रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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बता दें कि 8 दिसंबर को केरल के तिरुवनंतपुरम में सबसे पहला JN.1 वैरिएंट सामने आया था। 79 साल की एक महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। महिला में इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के हल्के लक्षण थे। हालांकि बाद में वह ठीक हो गई। कोविड के सब-वैरिएंट JN.1 की पहचान पहली बार यूरोपीय देश लक्जमबर्ग में हुई। यहां से यह तमाम देशों में फैलना शुरू हो गया। यह सब-वैरिएंट पिरोलो वैरिएंट (बीए.2.86) से जुड़ा हुआ है। इसे इंसानी शरीर की इम्यूनिटी के खिलाफ खतरनाक बताया जा रहा है। यही वजह है कि नए सब-वैरिएंट को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
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Author: AK
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