कल रविवार को चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम आने वाले हैं। उसके एक दिन बाद सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। अब आने वाले दिन राजनीतिक दृष्टि से उतार चढ़ाव भरे होने वाले हैं। सत्र से पहले आज केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। आमतौर पर ये बैठक शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक दिन पहले बुलाई जाती है, लेकिन इस बार 3 दिसंबर को पांच राज्यों के चुनाव के परिणाम आने वाले हैं। ऐसे में ये मीटिंग दो दिन पहले बुलाई गई है। यह बैठक संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में होगी जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पीयूष गोयल शामिल हो सकते हैं।

बैठक सुबह 11 बजे से शुरू होगी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संसद के आगामी सत्र को मौजूदा लोकसभा का अंतिम सत्र बताते हुए विपक्ष से सहयोग करने और इस चर्चा में शामिल होने की अपील की है। संसद का शीतकालीन सत्र 4 दिसंबर से शुरू हो रहा है। सत्र 22 दिसंबर तक चलेगा जिसमें 15 बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस बीच ऐसा माना जा रहा है कि इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश किया जा सकता है।

बता दें कि अभी संसद में 37 विधेयक पेंडिग हैं। जिनमें से 12 विचार और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं। वहीं, सात विधेयकों को संसद में पेश करने और उसे पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। सरकार शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में सात नए विधेयक पेश कर सकती है, इसमें तेलंगाना में केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना और केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी की विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण देना शामिल है। सरकार ने भारतीय न्याय संहिता विधेयक – 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक – 2023 और भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 पेश किया है, जो आईपीसी, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के साथ-साथ चुनाव आयोग के प्रमुख की नियुक्ति के बिल समेत 18 बिल सत्र के लिए सूचीबद्ध हो गए हैं।
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Author: AK
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