सोम, अप्रैल 13, 2026

लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के लिए अखिलेश यादव 8 फीट गेट फांदकर पहुंचे, पुलिस से हुई भिड़ंत

Akhilesh Yadav climbs boundary wall in Lucknow after being denied entry

आज लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। इस मौके पर तमाम पार्टियों के नेताओं ने जयप्रकाश नारायण को श्रद्धांजलि। ‌लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को जेपी नारायण इंटरनेशनल सेंटर में माल्‍यार्पण करना था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव बुधवार सुबह करीब 11:50 बजे बस से लखनऊ के जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर यानी जेपीएनआईसी पहुंचे। यहां 100 से ज्यादा पुलिस फोर्स ने उन्हें रोकने की कोशिश की। गेट पर ताला लगा दिया था। टिन शेड की दीवार खड़ी की थी। लेकिन, रोक नहीं पाए। गेट के बाहर ही अखिलेश को रोकने के लिए फोर्स सुबह से अलर्ट रही। अखिलेश के आने से पहले ही यहां समाजवादी समर्थक जुट गए थे। समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता गेट खोलने की मांग पर अड़े रहे। मगर, फोर्स उन्हें गेट से दूर रहने की चेतावनी देती रही। अखिलेश करीब 8 फीट ऊंचा गेट फांदकर जेपीएनआईसी के अंदर घुस गए।

जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माला चढ़ाई। फिर लौटे और गेट फांदकर ही बाहर निकले। अखिलेश के पीछे-पीछे कुछ सपा नेता भी गेट कूदकर अंदर चले गए। इस दौरान सपा नेताओं की पुलिस से भिड़ंत हो गई। अखिलेश ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा- छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आगे कहा कि सच ये है कि बीजेपी लोकनायक जयप्रकाश जी के भ्रष्टाचार, बेकारी-बेरोजगारी और महंगाई के खिलाफ छेड़े गये आंदोलन की स्मृति को दोहराने से डर रही है क्योंकि बीजेपी के राज में तो भ्रष्टाचार, बेकारी-बेरोजगारी और महंगाई तब से कई गुना ज्यादा है। अब क्या माल्यार्पण के लिए भी जयप्रकाश नारायण जी की तरह ‘सम्पूर्ण क्रान्ति’ का आह्वान करना पड़ेगा। अगर बीजेपी को यही मंजूर है तो यही सही। दरअसल, जेपीएनआईसी पर अखिलेश यादव को एलडीए ने माल्यार्पण की अनुमति नहीं दी थी। सपा ने बुधवार सुबह धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। के गेट पर करीब 500 सपा समर्थक धरने पर बैठ गए। सरकार और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सपा के वरिष्ठ नेता भी धरने पर बैठे। इनमें प्रमुख रूप से पार्टी प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, सपा के राष्ट्रीय सचिव राम गोविंद चौधरी भी रहे। सपा के अनुसार पार्टी की ओर से सपा राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी ने एलडीए को पत्र लिखा था। इसके बाद भी पार्टी को अनुमति नहीं मिली।

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Author: AK

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