सोम, अप्रैल 13, 2026

देश का सिलिकॉन सिटी बेंगलुरु पानी की समस्या से जूझ रहा, जलसंकट को लेकर शहर में रोज हो रहे प्रदर्शन

आज हम आपसे फिल्म, राजनीति और चुनावों की बात नहीं करेंगे बल्कि देश में एक ऐसे हाईटेक शहर की चर्चा करेंगे जो कई दिनों से पानी की विकराल समस्या से जूझ रहा है। इस शहर का नाम है बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु को सिलिकॉन सिटी, आईटी हब के रूप में देश-दुनिया में जाना जाता है। इस शहर का कमाल का मौसम देशवासियों को आकर्षित करता है। चौड़ी-चौड़ी सड़कें, बेहतरीन क्लाइमेट के साथ ऊंची-ऊंची बिल्डिंगें बेंगलुरु को खास बनाती है। विश्व भर के बड़ी-बड़ी कंपनियों के यहां ऑफिस हैं। लाखों की संख्या में युवा अपने सपनों को यहां पर सच करने आते हैं। बेंगलुरु का नाम सुनते ही सभी का जाने का मन करता है।

Water woes | A searing crisis in Karnataka and its IT capital, Bengaluru

भारत में सबसे ज्यादा स्टार्टअप्स इसी शहर में हैं। माने कुल मिलाकर ग्रोथ और डेवलपमेंट के मामले में देश का सबसे उन्नत शहर, लेकिन फिलहाल ये शहर पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता की कमी से जूझ रहा है। लोकसभा चुनाव से पहले यहां कर्नाटक सरकार के लिए बेंगलुरु में पानी की समस्या सिरदर्द बन गई है। लाखों लोग यहां पीने के साफ पानी की कमी की परेशानी का सामना कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से बेंगलुरु में पानी के लिए हजारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष सड़कों पर उतरकर सिद्धारमैया सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को शहर में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने प्लास्टिक के मटके लेकर जल संकट को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। बता दें कि बेंगलुरु की कुल आबादी करीब एक करोड़ चालीस लाख के आसपास है। रोजाना पानी की खपत या यूं कहें की जरूरत 260 से 280 करोड़ लीटर प्रतिदिन है। साफ पानी की कमी को देखते हुए कर्नाटक सरकार भी सख्त हो गई है। कर्नाटक सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में इस मुद्दे के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। अब बेंगलुरु शहर में कार धोने बागवानी करने भवन निर्माण और सड़क निर्माण या रख-रखाव के लिए साफ पानी इस्तेमाल करने पर अब 5 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड (बीडब्ल्यूएसएसबी) के अध्यक्ष डॉ. वी. राम प्रसाद मनोहर ने कहा, बेंगलुरु शहर के निवासियों के लिए 2100 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। प्रति दिन 1450 पानी पंप किया जा रहा है। अतिरिक्त 110 गांवों में पानी उपलब्ध कराने का काम भी चल रहा है। हमारे भूजल स्तर में भारी गिरावट आई है।
भारत में बेंगलुरु के अलावा मुंबई, कोलकाता, जयपुर, इंदौर, अमृतसर, पुणे, श्रीनगर समेत करीब 30 शहर शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 2050 तक जल संकट चरम पर पहुंच सकता है और करोड़ों लोग इससे बुुरी तरह प्रभावित होंगे।

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Author: AK

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